170 मीटर अंदर… फिर सामने आया मंजर, नेपाल की टनल में भारतीय सेना का रेस्क्यू

Nepal Flood:  नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना और नेपाली सेना संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। भारतीय सेना की विशेष टनल रेस्क्यू टीम ने रविवार को लंगटांग टनल में बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच अभियान चलाया। रेस्क्यू टीम करीब 170 मीटर अंदर तक पहुंचने में सफल रही, लेकिन आगे मलबा जमा होने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद मिला। सुरंग के भीतर अंधेरा, मलबा और खराब परिस्थितियां बचावकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

एक शव बरामद, अब चिलिमे टनल की ओर बढ़ी टीम

लंगटांग टनल में तलाशी अभियान के दौरान बचाव दल ने एक व्यक्ति का शव बरामद किया। भारतीय सेना की विशेष टीम का नेतृत्व कर्नल वरुण सूद कर रहे हैं। भारतीय जवानों ने नेपाल स्पेशल फोर्सेज के साथ मिलकर सुरंग के अंदर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। लंगटांग टनल में तलाशी अभियान पूरा करने के बाद अब विशेषज्ञ टीम को एक अन्य चुनौतीपूर्ण चिलिमे टनल की ओर भेजा गया है। यहां भी सुरंग के अंदर फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी।

नेपाल में मौत का आंकड़ा 939 तक पहुंचा

इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अब तक 939 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 3,925 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। बाढ़ के कारण कई जगहों पर संपर्क और आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सुरंगों में फंसे लोगों को निकालना बचाव दल के सामने सबसे कठिन कार्यों में से एक है।

संकट की घड़ी में भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल में आई इस बड़ी आपदा के बाद भारत ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग के लिए अपनी विशेषज्ञ टीम भेजी है। भारतीय सेना की टनल रेस्क्यू टीम नेपाली सुरक्षाबलों के साथ मिलकर मुश्किल इलाकों में अभियान चला रही है। दोनों देशों की सेनाओं का यह संयुक्त प्रयास फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है। मुश्किल हालात में भारतीय और नेपाली जवानों का साथ काम करना दोनों देशों के बीच सहयोग को भी दिखाता है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

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