झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। करीब 17 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च किया। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार लगाए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी दौरान एक आंसू गैस के गोले को लेकर अब बड़ा दावा सामने आया है।
छात्र ने दिखाया गोला, एक्सपायरी डेट 2022 होने का दावा
प्रदर्शनकारी छात्र तुषार ने एक आंसू गैस का गोला दिखाते हुए दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान एक्सपायर हो चुका गोला इस्तेमाल किया। छात्र के मुताबिक, यह गोला 2019 में तैयार हुआ था और उस पर इसकी एक्सपायरी डेट 2022 लिखी हुई है। उसका कहना है कि गोला उसके पैर के पास आकर गिरा, लेकिन ठीक से फटा नहीं। छात्र ने दावा किया कि इसके बाद भी उसके पैर में जलन बनी हुई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और गोले की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
छात्रों और पुलिस के बीच कई जगह हुई झड़प
विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों ने कई जगह पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को पार करने की कोशिश की। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ। छात्रों का कहना है कि तीन दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं निकला, इसलिए उन्हें विधानसभा तक मार्च करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की थी, लेकिन छात्र लगातार आगे बढ़ते रहे। इससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
देवेंद्रनाथ महतो बोले- मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन जारी रहेगा
JPSC-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। महतो ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक असर भी पड़ सकता है। फिलहाल एक्सपायर आंसू गैस के गोले के दावे ने रांची के छात्र आंदोलन को एक नया मुद्दा दे दिया है।








