विधानसभा घेराव के दौरान रांची में हंगामा, छात्रों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां, वाटर कैनन से भी नहीं रुका प्रदर्शन

Jharkhand Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन सोमवार को काफी तेज हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले हजारों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया। इसके बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारी अलग-अलग मांगों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और भर्ती व परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं।

बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा की ओर बढ़े छात्र

रांची में पिछले 16 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन विधानसभा मार्च तक पहुंच गया। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र ट्रेन, बस और निजी वाहनों से रांची पहुंचे। छात्रों के जमावड़े को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की थी। छात्रों ने जगन्नाथपुर थाना के पास मैदान में एकत्र होकर विधानसभा की तरफ बढ़ना शुरू किया। विधानसभा से करीब दो किलोमीटर पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। मार्च के दौरान छात्रों ने पहली बैरिकेडिंग पार कर ली और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वाटर कैनन से रोकने की कोशिश

प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति और गर्म हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वाटर कैनन से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा था। कुछ छात्रों ने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा कि वाटर कैनन में भी भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि अगर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह ठीक से काम भी करना चाहिए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे। कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर भी विरोध करते नजर आए।

देवेंद्र महतो एंबुलेंस से मार्च में हुए शामिल

छात्रों के आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो भी शामिल हुए। स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए वह एंबुलेंस में सवार होकर विधानसभा मार्च में पहुंचे। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह आज जीवित होते तो शायद छात्रों के साथ खड़े होते। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं होना चाहिए, जिससे झारखंड पर दाग लगे। देवेंद्र महतो लंबे समय से छात्रों की मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं।

परीक्षा और नौकरी में पारदर्शिता की मांग, प्रशासन अलर्ट

छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में पारदर्शिता जरूरी है। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि सरकार को उनकी समस्याएं सुनकर जवाब देना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और युवाओं को निष्पक्ष प्रक्रिया चाहिए। दूसरी तरफ प्रशासन ने छात्रों की संख्या को नियंत्रित रखने के लिए रांची की सीमाओं और प्रमुख रास्तों पर वाहनों की जांच की। विधानसभा के आसपास धारा 163 लागू की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन जारी है और प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।

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