वाराणसी के प्राचीन संकट मोचन मंदिर में 6 अप्रैल से 11 अप्रैल तक छह दिन का संगीत समारोह होगा। यह आयोजन हनुमान जयंती के बाद शुरू होगा। इस दौरान देश के कई बड़े कलाकार हनुमान जी के चरणों में भक्ति गीत और शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत करेंगे। इस बार कुल 47 कार्यक्रम होंगे। इनमें 21 कलाकार पहली बार मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इस समारोह में पुराने और नए दोनों तरह के कलाकार शामिल होंगे, जिससे दर्शकों को भक्ति और संगीत का अनोखा अनुभव मिलेगा।
मुस्लिम कलाकार भी देंगे प्रस्तुति
इस साल संकट मोचन संगीत समारोह में करीब आधा दर्जन मुस्लिम कलाकार भी हिस्सा लेंगे। महंत प्रो. विशंभरनाथ मिश्रा ने बताया कि संगीत और कला किसी धर्म या जाति तक सीमित नहीं है। इन कलाकारों के साथ हिंदू और पंजाबी कलाकार भी प्रस्तुति देंगे। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में दर्शक संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम देख सकेंगे। यह पहल सभी धर्मों और समुदायों के बीच भाईचारे का संदेश देती है।
नई प्रतिभाओं और पुरस्कार विजेताओं की भागीदारी
इस साल समारोह में नए कलाकारों को ज्यादा मौका दिया गया है। 21 कलाकार पहली बार मंच पर आएंगे। इसके अलावा 11 पद्म पुरस्कार विजेता कलाकार भी अपनी कला दिखाएंगे। महंत ने कहा कि इससे नए कलाकार सीख पाएंगे और अनुभव जुटा सकेंगे। दर्शकों को भी शास्त्रीय संगीत और भक्ति का नया अनुभव मिलेगा।
वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान
संकट मोचन संगीत समारोह केवल भक्ति का आयोजन नहीं है, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को भी दुनिया के सामने लाता है। इस आयोजन से शहर में कला और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। महंत ने कहा कि सभी लोग मंदिर परिसर में आकर इस भक्ति और संगीत के अद्भुत अनुभव का आनंद ले सकते हैं। यह आयोजन समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक समावेश का संदेश देता है।
Read more-100 दिन में जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने का आश्वासन! कांग्रेस ने असम चुनाव में किया जोरदार ऐलान








