Lucknow-Kanpur Expressway News: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को शुरू हुए अभी दो सप्ताह भी पूरे नहीं हुए थे कि इसकी सड़क धंसने की खबर सामने आ गई। उन्नाव जिले में एक्सप्रेसवे के दो अलग-अलग स्थानों पर सड़क का हिस्सा बैठ गया, जिससे वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी ने मौके पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है और प्रभावित हिस्सों के आसपास बैरीकेडिंग लगाकर यातायात को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्नाव में दो जगह सड़क धंसने से सामने आई निर्माण संबंधी चुनौती
जानकारी के अनुसार, उन्नाव से लखनऊ की ओर जाने वाले मार्ग पर कोरारी के पास करीब 30 फीट लंबा हिस्सा धंस गया। सड़क बैठने के कारण वहां गहरी दरार जैसी नालियां बन गईं, जिनमें बारिश का पानी भर गया है। इसके अलावा इसी लेन में टोल प्लाजा से लगभग एक किलोमीटर पहले भी करीब आठ फीट सड़क धंसने की सूचना मिली है। सड़क की स्थिति देखते हुए संबंधित एजेंसी ने एक स्थान पर तत्काल मरम्मत शुरू कर दी, जबकि दूसरे स्थान पर भी जल्द सुधार कार्य शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। वाहन चालकों को सुरक्षित निकालने के लिए चेतावनी संकेत और बैरिकेड लगाए गए हैं।
पहले भी सामने आई थीं कई तकनीकी समस्याएं
यह पहली बार नहीं है जब इस एक्सप्रेसवे को लेकर निर्माण संबंधी सवाल उठे हों। इससे पहले भी कई स्थानों पर सड़क किनारे की मिट्टी बहने, पहुंच मार्ग धंसने और जगह-जगह पैचिंग की जरूरत पड़ने की खबरें सामने आई थीं। अचलगंज के पास पहुंच मार्ग के बैठने की घटना ने भी निर्माण गुणवत्ता पर चर्चा छेड़ दी थी। इसके अलावा कई वाहन चालकों ने पुल और पुलिया के एक्सपेंशन ज्वाइंट पर झटके महसूस होने की शिकायत की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि नए बने हाई-स्पीड कॉरिडोर में शुरुआती दौर में ऐसी तकनीकी चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन उनका समय पर समाधान करना बेहद जरूरी होता है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।
अधिकारियों ने बारिश को बताया वजह
एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़क को नुकसान पहुंचा है। प्रोजेक्ट मैनेजर वी. कुंडू के अनुसार, नया निर्माण होने की वजह से शुरुआती चरण में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं, जिन्हें तेजी से ठीक किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क धंसने की घटना के बावजूद कहीं भी यातायात पूरी तरह बंद नहीं किया गया है और मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 63 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को किया गया था। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय करीब दो से तीन घंटे से घटकर लगभग 35 से 40 मिनट रह गया है। अब लोगों की उम्मीद है कि मरम्मत कार्य जल्द पूरा होगा और एक्सप्रेसवे पहले की तरह सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का माध्यम बना रहेगा।








