ऋषभ पंत की अगुवाई वाली लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टूर्नामेंट की शुरुआत से लेकर आखिरी मैच तक, टीम लगातार संघर्ष करती नजर आई और आखिरकार अंक तालिका में सबसे नीचे यानी 10वें पायदान पर रहकर सफर समाप्त किया। पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद अब लखनऊ फ्रेंचाइजी के अंदर बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने मैच के तुरंत बाद कप्तानी को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने न सिर्फ ऋषभ पंत के फैंस को हैरान कर दिया है, बल्कि क्रिकेट गलियारों में भी कप्तानी बदलने की चर्चाएं तेज कर दी हैं।
टॉम मूडी का वह बयान, जिसने लखनऊ के खेमे में ला दिया भूचाल
पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली करारी हार के बाद जब टॉम मूडी से टीम के भविष्य और नेतृत्व को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के कड़े फैसले लेने की बात कही। मूडी ने साफ शब्दों में कहा कि जब फ्रेंचाइजी के नेतृत्व यानी कप्तानी की बात आती है, तो हम भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस पर बहुत गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पूरे सीजन की गहराई से समीक्षा की जाएगी और हर विभाग की कमियों को देखते हुए बेहद सोच-समझकर कड़े कदम उठाए जाएंगे। मूडी का यह सख्त रुख साफ इशारा करता है कि मैनेजमेंट पंत के ऑन-फील्ड फैसलों और रणनीति से बिल्कुल भी खुश नहीं है।
27 करोड़ का दांव पड़ा उल्टा, न कप्तानी चली और न चमका पंत का बल्ला
याद हो कि आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने पानी की तरह पैसा बहाकर ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया था। फ्रेंचाइजी को उम्मीद थी कि पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और चतुर कप्तानी से टीम को पहली बार ट्रॉफी दिलाएंगे, लेकिन यह दांव पूरी तरह उल्टा साबित हुआ। पूरे सीजन के 14 मैचों में पंत के बल्ले से महज 312 रन निकले और उनका स्ट्राइक रेट भी लगभग 138 का ही रहा। पंजाब के खिलाफ करो या मरो वाले मुकाबले में भी पंत बेहद दबाव में दिखे और 21 गेंदों में सिर्फ 26 रनों की धीमी पारी खेलकर पवेलियन लौट गए, जिसने टीम की हार तय कर दी।
लगातार बदलाव बने लखनऊ की लुटिया डूबने की वजह
इस सीजन में लखनऊ की सबसे बड़ी कमजोरी टीम में निरंतरता की कमी रही। ऋषभ पंत की कप्तानी में पूरी टीम बिखरी हुई नजर आई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम की प्लेइंग-XI और बैटिंग ऑर्डर में लगातार इतने प्रयोग किए गए कि खिलाड़ी अपनी भूमिका को लेकर आश्वस्त ही नहीं हो सके। इसके साथ ही, उपकप्तान निकोलस पूरन की खराब फॉर्म और पंत के दिशाहीन कप्तानी के फैसलों ने रही-सहाय कसर भी पूरी कर दी। नतीजतन, लखनऊ सुपर जायंट्स इस सीजन में खेले गए 14 मुकाबलों में से 10 मैचों में करारी शिकस्त झेलने पर मजबूर हुई और शर्मनाक तरीके से टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
क्या होगा LSG का अगला कदम?
टॉम मूडी के इस बड़े बयान के बाद लखनऊ के खेमे में जल्द ही एक बड़ी रिव्यू मीटिंग होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में न केवल पंत की कप्तानी पर तलवार लटकेगी, बल्कि कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की भूमिका की भी कड़ी समीक्षा होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सीजन में यदि मैनेजमेंट ऋषभ पंत को बरकरार भी रखता है, तो उन्हें कप्तानी के दबाव से मुक्त कर केवल एक विशुद्ध बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर मैदान में उतारा जा सकता है, जबकि टीम की कमान किसी अन्य अनुभवी और ठंडे दिमाग वाले खिलाड़ी को सौंपी जा सकती है।
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