थाने के सरकारी WhatsApp ग्रुप में आया वो ‘अश्लील वीडियो’, क्लिक करते ही उड़ गए पुलिसकर्मियों के होश; फिर जो हुआ…

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने खाकी वर्दी और पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के बढ़ापुर थाने में तैनात प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) नीरज कुमार तोमर पर आरोप है कि उन्होंने थाने के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप पर एक आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो शेयर कर दिया। इस ग्रुप में थाने के तमाम छोटे-बड़े अधिकारी, दरोगा और अन्य कर्मचारी जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब 1 मिनट 13 सेकंड का था और इसमें एक महिला कांस्टेबल के होने की भी चर्चा है। हालांकि, वीडियो पोस्ट करने के तुरंत बाद इंस्पेक्टर को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने फौरन ‘डिलीट फॉर एवरीवन’ का विकल्प चुनकर उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रुप के कई सदस्यों ने इस वीडियो को देख लिया था और कुछ ने इसे अपने फोन में डाउनलोड भी कर लिया था, जिससे यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

रातों-रात फैली बात, गाज गिरते ही एसपी ने बिठा दी जांच

यह हाई-प्रोफाइल मामला जब धीरे-धीरे पुलिस विभाग के गलियारों से होता हुआ उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार विश्नोई ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया और बिना किसी ढिलाई के इस प्रकरण की शुरुआती जांच क्षेत्राधिकारी (CO) को सौंप दी। प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर नीरज कुमार तोमर का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि को भारी नुकसान पहुंचाने वाला पाया गया। जांच रिपोर्ट सामने आते ही एसपी ने बिना कोई देर किए आरोपी इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, उनके खिलाफ एक विस्तृत विभागीय जांच के भी सख्त आदेश दे दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस तरह की हरकत के पीछे क्या मंशा थी और किन परिस्थितियों में यह आपत्तिजनक क्लिप सरकारी प्लेटफॉर्म तक पहुंची।

खुद थाने पहुंचे एसपी, महिला कर्मियों को दिया सुरक्षा का भरोसा

इस शर्मनाक घटना के बाद पुलिस महकमे में मचे भूचाल को शांत करने और कार्यस्थल पर महिला कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए खुद एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई बढ़ापुर थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में तैनात सभी महिला पुलिसकर्मियों से आमने-सामने बातचीत की और उनके कार्य अनुभव तथा वहां के सुरक्षा माहौल को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया। एसपी ने महिला कर्मियों को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि विभाग में किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार, लापरवाही या उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महिला कर्मचारियों को बिना किसी डर, संकोच या दबाव के अपनी ड्यूटी करने और खुलकर अपनी बात रखने की हिम्मत बंधाई। पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें यह पूरा भरोसा दिलाया गया कि हर हाल में उनके सम्मान, गरिमा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

डिजिटल अनुशासन पर बड़ा सवाल, विभाग के लिए कड़ा संदेश

यह पूरी घटना न सिर्फ एक थाने की कार्यप्रणाली पर बदनुमा दाग है, बल्कि आज के डिजिटल दौर में सरकारी और आधिकारिक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस विभाग जैसे अनुशासित संगठन में इस तरह की लापरवाही न केवल संगठन के नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह विभाग की छवि को भी धूमिल करती है। इंस्पेक्टर का यह निलंबन बाकी पुलिसकर्मियों के लिए भी एक कड़ा और सख्त संदेश माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर माफ नहीं की जाएगी। अब विभागीय जांच के निष्कर्ष आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल थे या किस स्तर पर चूक हुई। फिलहाल, बिजनौर की इस घटना ने सोशल मीडिया से लेकर पुलिस गलियारों तक हलचल मचा रखी है और हर कोई इस कड़ी कार्रवाई के अगले चरणों पर नजर बनाए हुए है।

Read more-गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव में संजयन त्रिपाठी का बड़ा दावा, क्या सपा के टिकट पर बीजेपी को देंगे झटका?

Hot this week

गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव में संजयन त्रिपाठी का बड़ा दावा, क्या सपा के टिकट पर बीजेपी को देंगे झटका?

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में मुकाबला...

PM मोदी ने युवाओं को लेकर किया बड़ा ऐलान? चिन्मय मिशन के मंच से कही ये अहम बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img