दिल्ली के कनॉट प्लेस में विपक्षी सांसदों के लंच कार्यक्रम से पहले एक युवक की नारेबाजी को लेकर हंगामा हो गया। कश्मीर निवासी बताए जा रहे फहीम नजीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। आरोप है कि राहुल गांधी के खिलाफ गाली देने के बाद वहां मौजूद कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उसका विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि फहीम के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
खुद को बताया पीएम मोदी का प्रशंसक
घटना के बाद फहीम नजीर ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया, हालांकि उसने किसी राजनीतिक दल से संबंध होने से इनकार किया। बातचीत में उसने कहा कि वह कश्मीर से है और अपनी पसंद के नेता के समर्थन में आवाज उठाना उसका अधिकार है। फहीम ने विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और वोट चोरी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल खड़े किए। उसने कहा कि अगर चुनाव में गड़बड़ी होती है तो जीत और हार दोनों स्थितियों में इस पर सवाल उठने चाहिए। हालांकि, उसके आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
‘देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा’
मारपीट की घटना के बाद फहीम नजीर काफी भावुक दिखाई दिया। उसने देश को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वह भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसा नहीं बनने देना चाहता। उसने खुद को किसी पार्टी का कार्यकर्ता नहीं बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करने की बात दोहराई। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों के बीच हुई कहासुनी और मारपीट के कारण काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। घटना से जुड़ा वीडियो और फहीम के बयान सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
लंच के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा
दरअसल, विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में लंच कार्यक्रम रखा गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मेजबानी में आयोजित इस बैठक में विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। बताया गया कि बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। विपक्षी दल एसआईआर के मुद्दे पर भी लगातार सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। इससे पहले प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोका था और राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। अब कनॉट प्लेस की यह घटना भी राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन गई है।








