ऑनलाइन क्रीम खरीदने वाली महिलाएं सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे पाकिस्तानी मेकअप?

भारत में पाकिस्तानी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की बिक्री को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी सामने आई है। दिए गए विवरण के अनुसार, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के कॉस्मेटिक्स डिवीजन ने दो ब्यूटी क्रीमों को लेकर पब्लिक हेल्थ अलर्ट जारी किया है। इन प्रोडक्ट्स में बिना जरूरी इम्पोर्ट रजिस्ट्रेशन के भारतीय बाजार में पहुंचने का आरोप है। मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि कॉस्मेटिक सामान सीधे त्वचा पर लगाया जाता है और उसमें मौजूद हानिकारक तत्व लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में महिलाओं समेत सभी ग्राहकों को अनजान ऑनलाइन विक्रेताओं से क्रीम खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

इन दो क्रीमों को लेकर जारी हुई चेतावनी

हेल्थ अलर्ट में जिन प्रोडक्ट्स का जिक्र किया गया है, उनमें गोरी ब्यूटी क्रीम (Goree Beauty Cream) और चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम (Chandni Whitening Cream) शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन क्रीमों में त्वचा का रंग हल्का करने वाले दावों के साथ बिक्री की जाती है। संबंधित चेतावनी में लोगों से इन प्रोडक्ट्स को खरीदने और इस्तेमाल करने से बचने की अपील की गई है। दुकानदारों और विक्रेताओं को भी ऐसे सामान की बिक्री रोकने के लिए कहा गया है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे क्रीम का लेबल, निर्माता की जानकारी और आयात संबंधी विवरण ध्यान से जांचें। किसी भी संदिग्ध प्रोडक्ट को केवल उसके विज्ञापन या ऑनलाइन रिव्यू देखकर इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।

पारा और सीसा जैसे खतरनाक तत्वों का दावा

दिए गए विवरण में दावा किया गया है कि लैब टेस्टिंग के दौरान दोनों क्रीमों में पारा (Mercury) और लेड यानी सीसा (Lead) जैसे विषैले भारी तत्व पाए गए। इनकी मात्रा तय कानूनी सीमा से कई गुना अधिक होने की बात कही गई है। पारा और सीसा शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से त्वचा संबंधी परेशानी, किडनी को नुकसान और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, किसी खास प्रोडक्ट में इन तत्वों की वास्तविक मात्रा और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम की पुष्टि आधिकारिक जांच रिपोर्ट से ही की जानी चाहिए। इसलिए बिना जांचे किसी भी क्रीम को सुरक्षित मानना उचित नहीं है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी लेबल का मामला

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ऑनलाइन बिक्री और प्रोडक्ट की सही पहचान को लेकर उठ रहा है। दिए गए विवरण के अनुसार, कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तानी प्रोडक्ट्स को ‘मेड इन इंडिया’ बताकर बेचने का आरोप है। ग्राहक को डिलीवरी के बाद पैकेट पर ‘Made in Pakistan’ लिखा दिखाई देने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट में Amazon, Flipkart, Meesho और Tata 1mg जैसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया गया है। Amazon की ओर से विक्रेताओं द्वारा भारतीय कानूनों और कंपनी की नीतियों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है। ग्राहकों को सलाह है कि संदिग्ध क्रीम खरीदने से बचें और गलत लेबलिंग या संदिग्ध सामान मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म तथा सरकारी शिकायत व्यवस्था में इसकी सूचना दें।

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