28 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा: 93% तक काला पड़ेगा चांद, क्या भारत में नजर आएगा खौफनाक ‘ब्लड मून’?

अगस्त का महीना अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हो रहा है। हाल ही में दुनिया ने एक अद्भुत सूर्य ग्रहण का नजारा देखा था और अब प्रकृति एक और बड़े खगोलीय चमत्कार के लिए पूरी तरह तैयार है। पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व यानी 28 अगस्त को साल का एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान के जानकारों के मुताबिक, यह कोई साधारण चंद्र ग्रहण नहीं होगा, बल्कि इस दौरान चांद का करीब 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की सबसे गहरी और घनी छाया के आगोश में समा जाएगा, जो देखने में बेहद अद्भुत और रोमांचक होगा।

क्या वाकई आसमान में नजर आएगा ‘ब्लड मून’?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा बिल्कुल एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। इस विशेष खगोलीय घटना के चरम समय पर पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा के 93% हिस्से को पूरी तरह से ढक लेगी और केवल एक बेहद पतली सी चमकीली पट्टी ही इस छाया से बाहर नजर आएगी। इस प्रक्रिया के दौरान जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरकर चंद्रमा तक पहुंचती हैं, तो नीली रोशनी बिखर जाती है और केवल लाल या नारंगी रंग ही चंद्रमा तक पहुंच पाता है। यही वजह है कि चांद का रंग गहरा लाल या नारंगी दिखाई देगा, जिसे आम बोलचाल की भाषा में ‘ब्लड मून’ जैसा अद्भुत नजारा कहा जा रहा है।

भारत में दिखाई देगा या नहीं, जानें सही समय

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में रहने वाले लोग इस अनोखे नजारे का दीदार कर सकेंगे? इसका सीधा जवाब है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार इस ग्रहण की शुरुआत सुबह 08:04 मिनट पर होगी और यह दोपहर 11:22 मिनट तक चलेगा, जबकि इसका मुख्य चरम समय सुबह करीब 09:42 बजे का होगा। चूंकि भारत में इस दौरान दिन का समय होगा और चंद्रमा क्षितिज से काफी नीचे जा चुका होगा, इसलिए देशवासियों को यह खगोलीय घटना देखने को नहीं मिलेगी। नतीजतन, भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा, क्योंकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक नियम केवल वहीं लागू होते हैं जहां ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है।

दुनिया के किन हिस्सों में दिखेगा यह नजारा?

सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को पृथ्वी के उन सभी हिस्सों से आसानी से देखा जा सकता है जहां उस वक्त रात का समय होता है। खगोल विज्ञान के अनुसार, 28 अगस्त को लगने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ पश्चिमी एशिया के कुछ चुनिंदा भागों में साफ तौर पर नजर आएगा। इसके अलावा, यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ क्षेत्रों में चांद के अस्त होने के दौरान इस अद्भुत आंशिक ग्रहण की एक हल्की सी झलक देखने को मिल सकती है। अंतरिक्ष और विज्ञान के जानकारों के लिए यह घटना बेहद खास रहने वाली है।

Read more-चोर की अजीब करतूत! शोरूम में नहाया, लुंगी पहनकर नाचा और फिर 4.71 लाख की बाइक लेकर हुआ फरार

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img