मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार, 28 सितंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उसकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर रोड की ओर बढ़े। देश के अन्य हिस्सों में भी जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए गए।
SIR को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि आयोग को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज सुधांशु धूलिया के एक साक्षात्कार का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता कानून और संसद के प्रावधानों के तहत होता है। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR से जुड़े आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए।
जयपुर में बैरिकेडिंग और वाटर कैनन
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता शहीद स्मारक से चुनाव आयोग के प्रदेश कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और स्थिति संभालने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबर सामने आई। उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और कोल्हापुर समेत कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर किया पलटवार
कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन देश की प्रगति से परेशान हैं और चुनाव आयोग को लेकर बार-बार ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्हें आयोग तथ्यों के जरिए स्पष्ट कर चुका है। नड्डा ने कहा कि केवल आरोप दोहराने से वे सच नहीं बन जाते। इस तरह SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता दिख रहा है।






