भोजशाला से साध्वी ऋतंभरा का बड़ा ऐलान! आखिर कब लंदन से धार आएगी मां वाग्देवी की प्रतिमा?

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में गुरुवार को साध्वी ऋतंभरा पहुंचीं, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के चित्र के सामने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उनके आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में धार्मिक माहौल देखने को मिला। पूजा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से भारत लाई जाएगी और भोजशाला में स्थापित की जाएगी। उन्होंने इसे केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके इस बयान के बाद भोजशाला को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

‘मां वाग्देवी पूरी मानवता को ज्ञान देने वाली शक्ति हैं’

साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि मां वाग्देवी किसी एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें ज्ञान, शिक्षा और विवेक की देवी के रूप में पूरी दुनिया में सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिमा वापस भारत आती है और भोजशाला में स्थापित होती है, तो यह देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। उनके अनुसार यह कदम आने वाली पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा समय-समय पर चुनौतियों का सामना करती रही है, लेकिन उसकी मूल पहचान हमेशा बनी रही है। उनका मानना है कि संस्कृति और ज्ञान की शक्ति को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।

हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत, भोजशाला को बताया आस्था का केंद्र

साध्वी ऋतंभरा ने भोजशाला से जुड़े न्यायिक फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि भोजशाला केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि आस्था, शिक्षा और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यहां मां वाग्देवी की पूजा और सांस्कृतिक गतिविधियों का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस स्थान का महत्व और बढ़ेगा तथा लोग अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ेंगे। उनके दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।

युवाओं के व्यवहार पर भी जताई चिंता

मीडिया से बातचीत के दौरान साध्वी ऋतंभरा ने हाल के एक छात्र आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा और व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज में संवाद हमेशा मर्यादा और सम्मान के साथ होना चाहिए। उनके अनुसार युवाओं को ऐसी शिक्षा और संस्कार मिलने चाहिए, जिससे वे अपनी बात प्रभावी ढंग से रखें, लेकिन शालीनता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मां वाग्देवी ज्ञान, विवेक और नैतिक मूल्यों की प्रतीक हैं तथा उनका संदेश समाज में सकारात्मक सोच और संस्कारों को मजबूत करने का है। साध्वी ऋतंभरा ने लोगों से भारतीय संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील भी की।

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