टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्री दीपिका सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने एक वृंदावन दौरे को लेकर जबरदस्त चर्चा में बनी हुई हैं। हाल ही में वह अपने पति रोहित राज गोयल और दोनों बच्चों के साथ वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिर में बांके बिहारी के दर्शन करने पहुंची थीं। इस दौरान मंदिर परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें कुछ लोगों ने उन पर और मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रोलर्स का दावा था कि सेलिब्रिटी होने के कारण दीपिका को विशेष यानी वीआईपी ट्रीटमेंट (VIP Treatment) दिया गया, जबकि उनके ठीक पास खड़ी एक बुजुर्ग महिला को नजरअंदाज कर दिया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया और उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं दी जाने लगीं।
वीडियो शेयर कर अभिनेत्री ने दिया करारा जवाब
बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं को देख, दीपिका सिंह ने खुद इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो शेयर कर आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने अपने इस वीडियो के जरिए ट्रोलर्स की क्लास लगाते हुए कहा कि शुरुआत में उन्हें और मंदिर के पुजारी को बेवजह ट्रोल किया गया, लेकिन अब वह पूरी सच्चाई दुनिया के सामने रख रही हैं। अभिनेत्री ने तंज कसते हुए लिखा कि अगर उनके इस वीडियो से उन ट्रोलर्स की रील्स को और ज्यादा व्यूज मिल जाएं, तो वे उन्हें धन्यवाद कह सकते हैं। दीपिका ने स्पष्ट किया कि बिना पूरी बात जाने किसी पर भी उंगली उठाना और सोशल मीडिया पर झूठी कहानियां गढ़ना बेहद गलत है।
‘माताजी को भी मिला प्रसाद, बच्चों को प्रेम देना कोई पाप नहीं’
ट्रोलर्स के दावों को खारिज करते हुए दीपिका सिंह ने सबूत के तौर पर पूरी घटना का सच बयां किया। उन्होंने अपने संदेश में साफ किया कि वीडियो में नजर आ रही माताजी (बुजुर्ग महिला) को भी पुजारी जी की तरफ से बराबर प्रसाद मिला था। अभिनेत्री ने सवाल उठाया कि यदि मंदिर में दो छोटे बच्चों को देखकर उन्हें स्नेह और प्रेम दिया गया, तो क्या यह कोई पाप है? उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे भी भगवान गोपाल का ही रूप होते हैं। दीपिका ने दुख जताया कि कुछ लोग महज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए इस तरह की भ्रामक रील्स बनाकर सीधे तौर पर भगवान के भक्तों की आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
भक्तों को गुमराह न करने की दी हिदायत
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दीपिका सिंह ने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की नकारात्मक और अधूरी जानकारियों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी-अभी भक्ति मार्ग पर चलना शुरू हुए हैं, ऐसी झूठी और नकारात्मक खबरें देखकर उनका मनोबल टूट जाता है (Demoralized) हैं। इसलिए इंटरनेट पर कुछ लाइक्स और व्यूज के चक्कर में लोगों को गुमराह करने का सिलसिला बंद होना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि भक्तों की सच्ची भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। बता दें कि मंदिर के वायरल वीडियो में पुजारी जी दीपिका और उनके परिवार को अंगवस्त्र, फूलों की माला और प्रसाद के साथ बच्चों को बांसुरी भेंट करते हुए साफ नजर आ रहे हैं, जिसके बाद अब अभिनेत्री की इस सफाई ने पूरे विवाद पर विराम लगा दिया है।
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