नीट पेपर लीक पर PM मोदी की बड़ी घोषणा, CJP का पहला रिएक्शन आया सामने

NEET Paper Leak Case News: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान के कुछ ही समय बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा उनकी मुख्य मांग को पूरा नहीं करती। CJP ने दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पहले की तरह जारी रहेगी। इस बयान से साफ संकेत मिला कि फिलहाल आंदोलन वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री ने छात्रों के भविष्य को बताया सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन्हें शीघ्र न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सजा दिलाना भी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

CJP अपनी मांग पर कायम, आंदोलन जारी रखने के संकेत

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद CJP ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांग अभी भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी हुई है। संगठन का कहना है कि जब तक इस मांग पर निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल छात्र और समर्थक लगातार इसी मांग को दोहरा रहे हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान का स्वागत करने या उसे अस्वीकार करने के बजाय CJP ने अपने आंदोलन के मूल मुद्दे पर ही जोर दिया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि संगठन फिलहाल अपनी रणनीति में कोई बदलाव करने के पक्ष में नहीं है और प्रदर्शन जारी रखने की तैयारी में है।

 पेपर लीक पर पहले भी सरकार जता चुकी है सख्त रुख

पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई बार सख्त रुख जाहिर कर चुके हैं। हाल ही में एनडीए की बैठक में उन्होंने कहा था कि परीक्षा में धांधली युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि ऐसे मामलों में मजबूत कानूनी पैरवी हो, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना उसकी प्राथमिकता है। वहीं दूसरी ओर आंदोलनकारी संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या स्थिति बनती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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