जंतर-मंतर पर भारी बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री से मिले प्रदर्शनकारी, क्या सरकार ने मान लीं सारी मांगें?

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर सोमवार को एक बार फिर सियासी अखाड़ा बन गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसके बाद सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई। बवाल के चरम पर होने के दौरान सीजेपी के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के द्वार खटखटाए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका सीधे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे। इस मुलाकात के बाद हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि क्या हफ्तों से चल रहा यह गतिरोध अब खत्म होने जा रहा है और क्या सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे घुटने टेक दिए हैं?

2 घंटे का इंतजार और 10 मिनट की मुलाकात: क्या निकला हल?

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर अंदर की पूरी कहानी बयां की। सौरभ दास ने तंज भरे लहजे में लिखा कि उन्हें और आशुतोष रांका को केंद्रीय मंत्री से मिलने के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद महज 10 मिनट की मुलाकात मुमकिन हो पाई। इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का एक लिखित दस्तावेज मंत्री को सौंपा। सौरभ दास के मुताबिक, सरकार ने अभी मांगें पूरी तरह मानने का कोई लिखित वादा नहीं किया है, लेकिन उन्होंने आगे की सकारात्मक बातचीत का आश्वासन जरूर दिया है। हालांकि, सीजेपी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें धरातल पर पूरी नहीं होतीं, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।

‘अभिजीत दिपके को पुलिस ने उठाया’ – दावों से गरमाई सियासत

एक तरफ जहां बंद कमरे में बातचीत का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सड़कों पर माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा। सौरभ दास ने सरकार पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने बर्बरता दिखाई है। उन्होंने ट्वीट कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके प्रमुख साथी अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी जबरन बसों में भरकर ले जाने की खबरें आ रही हैं। सीजेपी प्रवक्ता ने देश के सभी सांसदों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में तुरंत सड़कों पर उतरें और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे युवाओं का खुलकर समर्थन करें।

प्रियंका गांधी का केंद्र पर तीखा हमला: ‘वे हमारे बच्चे हैं, उन पर आंसू गैस क्यों?’

सड़कों पर मचे इस घमासान और लाठीचार्ज की गूंज अब संसद से लेकर विपक्षी गलियारों तक पहुंच गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां और दिक्कतें हैं, जिन पर बात होना जरूरी है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर केंद्र सरकार युवाओं से चर्चा करने के लिए राजी क्यों नहीं हो रही है? आप हमारे ही देश के बच्चों पर आंसू गैस के गोले क्यों छोड़ रहे हैं और उनकी पिटाई क्यों कर रहे हैं? वे हमारे बच्चे हैं और उनकी आवाज दबाना बेहद निंदनीय है।” विपक्ष के इस तीखे तेवर के बाद अब यह आंदोलन और बड़ा राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है।

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