Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर के प्रमुख सरकारी भवनों में शामिल जवाहर भवन की चौथी मंजिल से अचानक काले धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यालय और उससे सटी कैंटीन के आसपास लगी थी। आग इतनी तेज थी कि उसका धुआं करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना के समय भवन में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
दमकल की कई गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष उपकरणों और होज पाइप का इस्तेमाल किया। आग पर काबू पाने में काफी समय और मेहनत लगी। आग बुझाने के दौरान भवन की जर्जर छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि दमकल विभाग की सतर्कता के कारण आग को अन्य मंजिलों तक फैलने से रोक लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि समय पर कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया और सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम और प्रशासनिक अधिकारी
आग लगने की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, जिलाधिकारी, पुलिस और फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जवाहर भवन काफी पुराना हो चुका है और इसकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए भविष्य में इसके विकल्प या पुनर्विकास पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस घटना के बाद सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के नुकसान का होगा आकलन
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। फायर विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम घटनास्थल की जांच कर रही है। शुरुआती स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि आग की शुरुआत कैंटीन से हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हादसा हुआ। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि इस आग में सरकारी फाइलों, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को कितना नुकसान पहुंचा है। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की असली वजह और नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पूरे परिसर को सुरक्षा के लिहाज से सील कर दिया गया है और जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल में जुटी हैं।
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