‘अब नहीं सहूंगी…’ बरेली SSP ऑफिस के बाहर महिला ने क्यों उड़ेल लिया खुद पर डीजल? दफ्तर में मची चीख-पुकार, उड़ गए पुलिस के होश!

यूपी के बरेली से एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर मंगलवार की दोपहर उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब एक महिला हाथ में कागजात और डीजल से भरी बोतल लेकर पहुंची. किसी को भनक तक नहीं थी कि अगले ही पल क्या होने वाला है. महिला ने अचानक चिल्लाते हुए अपने ऊपर डीजल उड़ेलना शुरू कर दिया और आत्मदाह का प्रयास किया. वहां तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जैसे ही महिला पर पड़ी, उनके हाथ-पांव फूल गए. मुस्तैद महिला पुलिस और अन्य जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए चंद सेकंड के भीतर महिला को दबोच लिया और उसके हाथ से माचिस छीन ली. अगर पुलिस की तरफ से एक सेकंड की भी देरी होती, तो एसएसपी दफ्तर के बाहर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था. इस घटना के बाद काफी देर तक परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बना रहा.

होली की वो रात और डीजे का वो विवाद, जिसने उजाड़ दिया परिवार का चैन

आखिर इस महिला को इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठाने के लिए किसने मजबूर किया? दरअसल, इस पूरे मामले की जड़ें कुछ महीने पीछे होली के त्योहार से जुड़ी हुई हैं. पीड़ित महिला बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली है. महिला का आरोप है कि होली के दौरान उसके बेटे का कुछ स्थानीय दबंगों के साथ डीजे बजाने को लेकर मामूली विवाद हो गया था. यह विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने महिला के बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार बुरी तरह सहम गया. महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए बहेड़ी थाने में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने मामले की तफ्तीश की और औपचारिकता पूरी करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) भी दाखिल कर दी, लेकिन महिला का आरोप है कि यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही.

‘खुलेआम घूम रहे हैं आरोपी’, पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट मां का फूटा दर्द

महिला का सबसे बड़ा दर्द और शिकायत यह है कि पुलिस की चार्जशीट के बावजूद मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं. महिला का कहना है कि आरोपी अब भी उसके परिवार को डरा-धमका रहे हैं, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है. उसका आरोप है कि वह न्याय के लिए लगातार बहेड़ी थाने के चक्कर काटती रही, लेकिन हर बार उसे सिर्फ कोरा आश्वासन देकर टरका दिया गया. स्थानीय स्तर पर जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसने जिले के बड़े पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के भी चक्कर लगाए. न्याय की हर चौखट से मायूसी हाथ लगने के बाद महिला का धैर्य टूट गया. इसी हताशा में उसने ‘अब नहीं सहूंगी’ का फैसला किया और अपनी आवाज बहरे सिस्टम तक पहुंचाने के लिए आत्मदाह जैसा खौफनाक रास्ता चुन लिया.

महिला थाने की कमान, SSP अनुराग आर्य ने दिए दोबारा जांच के सख्त आदेश

एसएसपी दफ्तर के बाहर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के तुरंत बाद महिला थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया. महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़ित महिला को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया और उसके बयान दर्ज किए. महिला की मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत अब पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है. इस पूरे मामले पर बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने गंभीरता दिखाई है. उन्होंने महिला से जुड़े सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है. एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान पुलिसिया कार्रवाई में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा.

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