एक दिन में 35 करोड़ पौधे! यूपी आज रचने जा रहा ऐसा रिकॉर्ड, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा

UP News: उत्तर प्रदेश आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है, जिसे अब तक के सबसे बड़े पौधरोपण अभियानों में गिना जा रहा है। इस विशेष अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से करेंगे। प्रदेशभर में सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी से यह अभियान चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करना भी है। अभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम को भी विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों का भावनात्मक जुड़ाव पौधरोपण से बढ़ सके।

गोरखपुर से होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में पौधरोपण कर इस राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के दौरान वह नीम, पीपल, बरगद और मौलश्री जैसे महत्वपूर्ण पौधों का रोपण करेंगे। मौलश्री को आयुर्वेदिक दृष्टि से भी बेहद उपयोगी माना जाता है और इसके औषधीय गुणों के कारण इसे विशेष महत्व दिया जाता है। गोरखपुर जिले को इस अभियान के तहत लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। प्रशासन और वन विभाग ने इसके लिए पहले से स्थान चिन्हित कर लिए हैं। विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों, पंचायतों, सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों और खाली जमीनों पर पौधरोपण किया जाएगा। अभियान के दौरान जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

रिकॉर्ड लक्ष्य के लिए पहले से की गई व्यापक तैयारी

इतने बड़े स्तर पर पौधरोपण को सफल बनाने के लिए महीनों पहले से तैयारी शुरू कर दी गई थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश की हजारों नर्सरियों में करोड़ों पौधे तैयार किए गए हैं। पौधों की गुणवत्ता और उनके जीवित रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए रोपण स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गड्ढों की खुदाई, मिट्टी की तैयारी, पौधों की सुरक्षा और सिंचाई जैसी सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल पौधे लगाने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। यही कारण है कि इस बार अभियान को सिर्फ एक दिन की गतिविधि नहीं बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय योजना के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्र और राज्य के 27 विभाग मिलकर निभाएंगे जिम्मेदारी

इस महाअभियान में राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के कई विभाग भी भाग ले रहे हैं। वन विभाग को सबसे अधिक पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ग्राम्य विकास, कृषि, उद्यान, पंचायती राज और राजस्व विभाग भी बड़ी संख्या में पौधरोपण करेंगे। रेलवे और रक्षा मंत्रालय जैसे केंद्रीय विभाग भी इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। सरकार का मानना है कि बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने से वायु प्रदूषण कम होगा, भूजल संरक्षण को मदद मिलेगी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी। यदि यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो उत्तर प्रदेश देश में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया उदाहरण पेश करेगा। यही वजह है कि पूरे प्रदेश की नजरें आज के इस ऐतिहासिक अभियान पर टिकी हुई हैं।

Read More-4 साल की बादशाहत एक झटके में खत्म! इंग्लैंड ने ऐसा क्या किया कि टीम इंडिया से छिन गया नंबर-1 ताज?

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img