एक तरफ बाढ़ ने मचाई तबाही, दूसरी ओर झुलसा रही भीषण गर्मी… आखिर मानसून कब देगा पूरे उत्तर भारत को राहत?

Weather Update: देश में मौसम का मिजाज इस समय दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से बात कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

लू से बेहाल दिल्ली, यूपी और राजस्थान

जहां पूर्वोत्तर में बारिश आफत बन रही है, वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की संभावना बनी हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर भीषण लू की स्थिति भी बन सकती है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे दिन के साथ रातें भी बेहद गर्म बनी हुई हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया, जबकि जयपुर सहित कई शहरों में भी तेज गर्मी महसूस की गई। पंजाब और हरियाणा में बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि कुछ इलाकों में शाम के समय तेज हवाओं और हल्की बारिश से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन दिनभर उमस और गर्मी का असर बना रहा।

इन राज्यों में जल्द दस्तक की संभावना

मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। अगले दो से तीन दिनों के भीतर गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गई हैं। यदि मौसम की मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो इन राज्यों में जल्द बारिश शुरू हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

पहाड़ों में बाढ़ और भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं। मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गया है और कुछ गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। जिस्पा और झालमा नाला क्षेत्र में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण सड़कें मलबे से भर गई हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें लगातार मशीनों की मदद से रास्ते बहाल करने में जुटी हैं। दूसरी ओर, असम और अरुणाचल प्रदेश में भी राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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