चीख-पुकार और धुआं… विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में अचानक आसमान से बरसा ‘मौत का लावा’, 8 जिंदगियां खाक!

विशाखापट्टनम के प्रसिद्ध स्टील प्लांट की रोजाना की तरह चल रही हलचल अचानक चीख-पुकार में बदल गई। प्लांट के भीतर काम कर रहे मजदूरों को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल उनके साथ क्या खौफनाक मंजर बीतने वाला है। दरअसल, स्टील प्लांट के भीतर अत्यधिक उच्च तापमान पर पिघले हुए इस्पात (Steel) से भरी एक विशाल करछुल (Ladles) में अचानक भयानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसमें भरा खौफनाक और उबलता हुआ पिघला लोहा वहां काम कर रहे निर्दोष मजदूरों के जिस्म पर जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे ने पल भर में 8 मजदूरों की जान ले ली, जबकि कई अन्य मजदूर इस खौलते हुए लावे की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके के बाद प्लांट के भीतर हर तरफ सिर्फ धुआं और चीखें सुनाई दे रही थीं। अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे, जिससे वहां पूरी तरह अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

अपनों को बचाने की जंग: आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे कर्मचारी

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के तुरंत बाद, स्टील प्लांट के अन्य साहसी कर्मचारी और सुरक्षा दल तुरंत हरकत में आए। घटनास्थल पर लगी भीषण आग और मलबे के बीच फंसे अपने साथी कर्मचारियों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। प्लांट के कर्मचारी खुद अपनी जान की परवाह न करते हुए आग पर काबू पाने और पिघले हुए लोहे के फैलाव को रोकने की कोशिशों में जुट गए। इस हादसे में घायल हुए मजदूरों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नजदीकी विशेष अस्पतालों में बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम घायलों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन झुलसे हुए लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतक संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्लांट के भीतर का नजारा इस वक्त बेहद गमगीन और डरावना बना हुआ है।

सरकार एक्शन में: गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता खुद पहुंचीं ग्राउंड जीरो पर

विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही आंध्र प्रदेश सरकार तुरंत पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी। गृह मंत्री ने बिना वक्त गंवाए जिला कलेक्टर और शहर के पुलिस कमिश्नर से फोन पर सीधे संपर्क साधा और हादसे की पल-पल की लाइव जानकारी ली। गृह मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंत्री महोदय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी कोताही के घायलों के लिए शहर के सबसे बेहतरीन इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्यों की गति को और तेज करने का हुक्म दिया ताकि मलबे में फंसे किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।

सवालों के घेरे में सुरक्षा: हादसे वाली जगह पर मंत्री दे रहीं कड़े निर्देश

हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता खुद सभी कार्यक्रमों को छोड़कर तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंच गईं। वह इस समय ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और खुद राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाल रही हैं। मौके पर मौजूद आला अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को वह लगातार जरूरी निर्देश दे रही हैं ताकि पीड़ितों को तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और तकनीकी रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में पिघले हुए लोहे की करछुल में विस्फोट कैसे हुआ और क्या वहां सुरक्षा की अनदेखी की गई थी, प्रशासन अब इन सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल, प्राथमिकता घायलों की जान बचाने और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने की है।

Read more-INDIA ब्लॉक की बैठक में बड़ा फैसला! 5 मुद्दों पर सहमति, क्या सरकार के खिलाफ बनेगा नया मोर्चा?

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img