केरल में 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन! वीडी सतीशन ने ली CM पद की शपथ, नई सरकार में दिखा बड़ा राजनीतिक संदेश

केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने राज्य में सरकार बना ली है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ कुल 20 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पांच विधायक शामिल हैं। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह में हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने इस राजनीतिक बदलाव को और खास बना दिया।

नई कैबिनेट में कांग्रेस और सहयोगियों का संतुलन

वीडी सतीशन के नेतृत्व में बनी नई सरकार में कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों को भी अहम जिम्मेदारी दी है। मंत्रिमंडल में पीके कुन्हालीकुट्टी, रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ और शिबू बेबी जॉन जैसे अनुभवी नेताओं को जगह मिली है। वहीं मुस्लिम लीग के नेताओं के शामिल होने से साफ संकेत मिला है कि UDF गठबंधन सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश में है। नई कैबिनेट में महिला नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिनमें रोजी एम जॉन और बिंदु कृष्ण जैसे नाम शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह टीम प्रशासनिक अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। सरकार बनने के साथ ही अब लोगों की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि UDF अपने चुनावी वादों को कितनी तेजी से लागू करता है।

पिनाराई विजयन युग का अंत, कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसी

वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के 10 साल लंबे शासन का औपचारिक अंत हो गया। पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली CPI(M) सरकार लगातार दो कार्यकाल तक सत्ता में रही, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का फैसला किया। इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में आखिरी बार ओमन चांडी मुख्यमंत्री बने थे। लगभग एक दशक बाद UDF की सत्ता में वापसी को कांग्रेस के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। चुनाव परिणामों में UDF ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इनमें अकेले कांग्रेस को 63 सीटें मिलीं, जो राज्य में पार्टी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बेरोजगारी, महंगाई, प्रशासनिक मुद्दे और सरकार विरोधी माहौल ने इस चुनाव में बड़ा असर डाला।

खरगे बोले- अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना बड़ी जिम्मेदारी

नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे केरल की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और अब UDF की जिम्मेदारी है कि लोगों को पारदर्शी और विकास केंद्रित सरकार दी जाए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे की जीत बताया। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने पहले संबोधन में कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के मुद्दों, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम करेगी। अब पूरे देश की नजर केरल की नई सरकार पर है, क्योंकि आने वाले फैसले राज्य की राजनीति और विकास की दिशा तय करेंगे।

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