केरल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के करीब दो हफ्ते बाद आखिरकार नई सरकार की तस्वीर साफ हो गई है। सोमवार सुबह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर लंबे समय तक चर्चा चलती रही, लेकिन पार्टी हाईकमान ने आखिरकार सतीशन पर भरोसा जताया। नई सरकार में कुल 21 मंत्री शामिल होंगे, जिनमें कांग्रेस के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। खास बात यह है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को इस बार सरकार में बड़ी भागीदारी मिली है और उसके पांच विधायक मंत्री बनाए जा रहे हैं। इसे केरल की राजनीति में गठबंधन संतुलन और सामाजिक समीकरण के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
तीन दिन चली बैठकों के बाद बनी मंत्रिमंडल की सूची
नई सरकार के गठन को लेकर पिछले तीन दिनों से लगातार बैठकों का दौर चल रहा था। कांग्रेस नेताओं और सहयोगी दलों के बीच विभागों और प्रतिनिधित्व को लेकर कई स्तर पर चर्चा हुई। रविवार शाम मुख्यमंत्री बनने जा रहे वीडी सतीशन ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर मंत्रियों की सूची सौंपी। सतीशन ने कहा कि मंत्रिमंडल तय करते समय सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और गठबंधन सहयोगियों की भूमिका को ध्यान में रखा गया है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। इसके अलावा के मुरलीधरन और सनी जोसेफ जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी सरकार में शामिल किया गया है। विधानसभा स्पीकर के रूप में थिरुवनचूर राधाकृष्णन का नाम तय किया गया है, जबकि शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस टीम के जरिए पार्टी अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाना चाहती है।
मुस्लिम लीग की बढ़ी ताकत
इस बार की नई सरकार में मुस्लिम लीग की मजबूत मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में है। यूडीएफ की सहयोगी पार्टी IUML के पास विधानसभा में 22 विधायक हैं और उसे सरकार में पांच मंत्री पद मिले हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर को मंत्री बनाया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी लोकसभा चुनाव और राज्य की सामाजिक राजनीति को ध्यान में रखकर लिया गया है। मुस्लिम लीग लंबे समय से यूडीएफ का अहम हिस्सा रही है और इस चुनाव में उसकी भूमिका निर्णायक रही। इसके अलावा सरकार में मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, एपी अनिल कुमार, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन और बिंदु कृष्ण जैसे नेताओं को भी जगह मिली है। कांग्रेस के भीतर कई नेताओं को मंत्री पद नहीं मिलने से हल्की नाराजगी भी सामने आई है, लेकिन पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
शपथ ग्रहण में जुटेंगे कई बड़े चेहरे
सोमवार सुबह होने वाला शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री समारोह में मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख सी विजय को भी निमंत्रण भेजा है। हालांकि उनके शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यूडीएफ की भारी जीत के बाद यह नई सरकार राज्य में विकास, रोजगार और सामाजिक संतुलन जैसे मुद्दों पर फोकस करने का दावा कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वीडी सतीशन अपनी नई टीम के साथ केरल में स्थिर और प्रभावी सरकार चला पाएंगे या फिर गठबंधन की अंदरूनी राजनीति आगे चुनौती बनेगी।
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