पंजाब की राजनीति उस वक्त गरमा गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी कोठी पर ED अधिकारियों का काफिला पहुंचा। लगभग 20 गाड़ियों के साथ आई टीम के साथ भारी सुरक्षा बल भी मौजूद रहा। CIA और स्पेशल फोर्स के जवानों ने इलाके को घेर लिया, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन औपचारिक रूप से शुरू हुआ। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की जा रही है और चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली-NCR में भी जुड़े ठिकानों पर जांच जारी है। इस अचानक हुई कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
कारोबारियों के ठिकानों पर भी जांच
इसी कार्रवाई के समानांतर मोहाली जिले के खरड़ इलाके में भी ED की लंबी छापेमारी चर्चा में रही। वेस्टर्न टावर की नौवीं मंजिल पर स्थित दफ्तरों और आवासों में करीब 40 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला। यह कार्रवाई कारोबारी नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा से जुड़े ठिकानों पर की गई। देर रात ED की टीम वहां से बाहर निकली, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार टीम कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जरूरी फाइलें अपने साथ ले गई है। हालांकि अभी तक एजेंसी ने यह साफ नहीं किया है कि जांच में क्या अहम सुराग मिले हैं, जिससे पूरे मामले में रहस्य बना हुआ है।
CM भगवंत मान का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED की रेड हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है, जिससे राज्य की सियासत में तनाव बढ़ गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच का दायरा बढ़ा
सूत्रों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क की जांच से जुड़ी हुई है, जिसकी शुरुआत दो दिन पहले बिल्डर और कारोबारी समूहों पर छापेमारी से हुई थी। अब इस जांच के तार मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके सहयोगियों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। ED फिलहाल संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कंपनियों के रिकॉर्ड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आती हैं तो आने वाले दिनों में पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह कार्रवाई पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत भी दे सकती है।
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