West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई जिलों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे चुनावी माहौल में हलचल मच गई। नदिया, हावड़ा, भांगर, शांतिपुर और निमतला जैसे इलाकों में मतदान प्रक्रिया के बीच विवाद, धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं। कई जगहों पर मतदान केंद्रों के बाहर लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, जिसके बाद माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
नदिया में भाजपा एजेंट पर हमला
नदिया जिले के चापड़ा क्षेत्र में बूथ नंबर 53 पर एक बड़ा विवाद सामने आया, जहां भाजपा के एक पोलिंग एजेंट के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि हमला करने वाले लोग सत्ताधारी टीएमसी से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। इस घटना ने मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों में डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी, जिसके कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
हावड़ा में EVM खराबी से मतदान में देरी
हावड़ा के एक मतदान केंद्र पर EVM में तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया में भारी बाधा आई। बताया गया कि मशीन में लगातार दिक्कत आने से मतदान तीन बार रोकना पड़ा, जिससे लंबी कतारों में खड़े मतदाता परेशान हो गए। कई लोगों ने आरोप लगाया कि नई मशीन लाने के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई और मतदान समय से काफी देर से शुरू हो सका। एक मतदाता ने बताया कि वह सुबह 7 बजे से लाइन में खड़ा था, लेकिन मतदान करीब 8:30 बजे शुरू हो पाया, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
सुरक्षा बलों की तैनाती
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही मौके पर सुरक्षा बलों और सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर भीड़ को नियंत्रित किया और मतदान प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया। प्रशासन के अनुसार, सभी प्रभावित बूथों पर स्थिति अब नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। हालांकि, कुछ इलाकों में अभी भी सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो। चुनाव आयोग ने भी रिपोर्ट तलब कर ली है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।
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