उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से सामने आई यह दिल दहला देने वाली घटना हर किसी को अंदर तक झकझोर रही है। रक्सा थाना क्षेत्र के धीमरपुरा गांव में रहने वाले एक किसान ने अपने ही तीन साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना ऐसे समय सामने आई जब परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन एक रात में सब कुछ खत्म हो गया। गांव में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि एक पिता ऐसा कदम उठा सकता है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल: ‘जिगर का टुकड़ा’ खोने का दर्द
इस हादसे के बाद सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति बच्चे की मां की है, जो अपने बेटे को खोने के गम में बेसुध हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मां बार-बार अपने बच्चे के कपड़ों को देखकर रो रही है और उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उसका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार और आसपास के लोग उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह गहरे सदमे में है। एक पल में उसकी पूरी दुनिया उजड़ गई और अब वह इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रही है।
क्या हुआ उस रात?: झगड़े के बाद हुआ खौफनाक फैसला
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से एक रात पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि उस समय पति शराब के नशे में था, जिससे झगड़ा बढ़ गया। इसके बाद रात में कब उसने सोते हुए बच्चे को अपने साथ लिया, यह मां को भी पता नहीं चला। सुबह जब घटना सामने आई तो बच्चे का शव खून से लथपथ मिला, जबकि पिता का शव घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटका हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अभी तलाशे जा रहे हैं।
जांच जारी: कारणों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह सामने आ सके। शुरुआती तौर पर पारिवारिक विवाद और नशे की स्थिति को कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि गुस्सा और मानसिक तनाव किस तरह एक पूरे परिवार को खत्म कर सकता है।








