3 महीने की बच्ची को उठाकर ले गई बंदरिया… आगे जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया!

Monkey Viral Video: उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान भी किया और भावुक भी। चरथावल क्षेत्र में एक बंदरिया अचानक एक घर में घुस गई और वहां पालने में सो रही तीन महीने की बच्ची को उठाकर ले गई। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते, बंदरिया बच्ची को लेकर एक कोने में बैठ गई। आमतौर पर बंदरों के हमलावर व्यवहार को देखते हुए यह घटना बेहद डराने वाली थी, लेकिन आगे जो हुआ, उसने इस पूरे मामले को अलग ही मोड़ दे दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया।

हमले की जगह ममता का दिखा अलग रूप

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बंदरिया ने बच्ची को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। वह उसे अपने बच्चे की तरह गोद में लेकर दुलारती रही। आसपास मौजूद लोग बच्ची को छुड़ाने की कोशिश करते रहे, लेकिन बंदरिया ने किसी को पास नहीं आने दिया और बचाव में कुछ लोगों को काट भी लिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि बंदरिया ने संभवतः अपना बच्चा खो दिया था, जिसके कारण उसने इस मासूम को ही अपना बच्चा समझ लिया। यह दृश्य जहां एक ओर डर पैदा कर रहा था, वहीं दूसरी ओर उसमें छिपी ममता लोगों को भावुक भी कर रही थी।

 डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान ‘श्री बालाजी चैरिटेबल सोसाइटी’ के पशु प्रेमी सन्नी अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने हालात को समझते हुए जल्दबाजी करने के बजाय सावधानी से योजना बनाई। बंदरिया का ध्यान भटकाने के लिए उसे खाने-पीने की चीजें दी गईं। काफी देर तक इंतजार और प्रयास के बाद एक मौका ऐसा आया जब बंदरिया का ध्यान हट गया और सन्नी ने तेजी से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे ऑपरेशन में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा, लेकिन सबसे राहत की बात यह रही कि बच्ची को कोई चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रही।

वायरल वीडियो और लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंदरिया बच्ची को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे प्यार कर रही है। जैसे ही बच्ची को सुरक्षित वापस लाया गया, परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, बंदरिया के हमले में घायल हुए लोगों का इलाज कराया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि जानवरों में भी भावनाएं और ममता होती है, जो कई बार इंसानों को भी सोचने पर मजबूर कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि जंगली जानवरों का व्यवहार कभी भी बदल सकता है।

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