‘Thank You India’… जंग के बीच ईरान का भावुक संदेश, दूसरे मेडिकल शिपमेंट के बाद क्यों छलक पड़े जज़्बात?

अमेरिका के साथ तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान ने भारत के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई है। हाल ही में ईरान के दूतावास ने एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें ‘Thank You India’ लिखकर भारतीयों के सहयोग की सराहना की गई। यह प्रतिक्रिया तब सामने आई जब भारत की ओर से मेडिकल सहायता की दूसरी बड़ी खेप ईरान पहुंची। वीडियो में बताया गया कि भारत के लोगों द्वारा दिए गए दान से तैयार चिकित्सा सामग्री को ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी तक पहुंचाया गया है। युद्ध जैसे कठिन समय में मिली इस मदद को ईरान ने “मानवता की मिसाल” बताया है।

 करोड़ों का चंदा, देशभर से उठे मदद के हाथ

भारत के लोगों ने इस संकट के समय दिल खोलकर ईरान की मदद की। देश के अलग-अलग शहरों जैसे लखनऊ, दिल्ली और अन्य हिस्सों से लोगों ने ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के जरिए आर्थिक सहयोग दिया। कई लोगों ने सीधे ईरानी दूतावास द्वारा जारी किए गए खातों में पैसे भेजे। खास बात यह रही कि यह मदद सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रही—कुछ लोगों ने अपनी निजी संपत्ति तक दान कर दी। कश्मीरी समुदाय के लोगों ने सोना-चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन तक दान में दिए, जो इस मानवीय पहल को और भी खास बनाता है। यह दिखाता है कि संकट की घड़ी में सीमाएं मायने नहीं रखतीं, बल्कि इंसानियत सबसे बड़ी होती है।

भावुक कर देने वाली कहानियां, गहनों से लेकर मुर्गी तक दान

इस पूरे अभियान में कई ऐसी कहानियां सामने आईं, जिन्होंने लोगों को भावुक कर दिया। एक व्यक्ति ने अपनी मुर्गी को नीलाम करके 1.25 लाख रुपये जुटाए और पूरी रकम ईरान की मदद के लिए दान कर दी। वहीं एक महिला ने अपने पूर्वजों की आखिरी निशानी के रूप में संभालकर रखे गहनों को भी दान कर दिया। इन घटनाओं को ईरान का दूतावास ने साझा करते हुए लोगों की दरियादिली की जमकर तारीफ की। दूतावास ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक मजबूत भावनात्मक संबंध का प्रतीक है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और भाईचारे को दर्शाता है।

अब बंद हुए फंडिंग अकाउंट, अगला कदम क्या?

ईरान के दूतावास ने अपने ताजा संदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि अब सभी फंड रेजिंग अकाउंट और QR कोड बंद कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि फिलहाल आर्थिक सहायता जुटाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दूतावास ने कहा कि अब तक मिली मदद को व्यवस्थित तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ईरान के बीच यह सहयोग आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर सकता है। जंग के बीच इस तरह की मानवीय पहल यह साबित करती है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, इंसानियत और सहयोग की भावना हमेशा रास्ता बना ही लेती है।

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