ईरान के सामने ‘जंग वाला रूप’ और अमेरिका के लिए ‘सूट-बूट’! आखिर क्या संदेश दे रहे हैं मुनीर? ड्रेस डिप्लोमैसी का बड़ा खेल

Iran US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच चुके हैं, जहां बातचीत की जमीन तैयार की जा रही है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंचे हैं, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हो रही है, जिन्होंने अपने अलग-अलग ड्रेस कोड से एक नई बहस छेड़ दी है।

ईरानी डेलिगेशन के लिए कॉम्बैट यूनिफॉर्म

जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा, तो आसिम मुनीर कॉम्बैट यानी युद्ध वाली सैन्य वर्दी में नजर आए। यह कोई सामान्य औपचारिक वर्दी नहीं थी, बल्कि वही यूनिफॉर्म थी जो आमतौर पर सैन्य कार्रवाई के दौरान पहनी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति थी। इसका मकसद ईरान को यह संकेत देना हो सकता है कि पाकिस्तान इस रिश्ते को सैन्य नजरिए से भी देखता है और जरूरत पड़ने पर सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। गौरतलब है कि बीते वर्षों में ईरान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव और मिसाइल हमलों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई थी। ऐसे में यह ड्रेस कोड एक तरह का ‘पावर शो’ भी माना जा रहा है।

जेडी वेंस के लिए सूट-बूट, बदला पूरा अंदाज़

दिलचस्प बात यह रही कि कुछ ही घंटों बाद जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंचे, तो आसिम मुनीर पूरी तरह अलग अंदाज में नजर आए। इस बार उन्होंने काले रंग का औपचारिक सूट पहन रखा था, जो आमतौर पर राजनीतिक या कूटनीतिक बैठकों में पहना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अमेरिका को एक अलग संदेश देने की कोशिश थी—कि पाकिस्तान खुद को एक जिम्मेदार और पेशेवर साझेदार के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है। यह भी कहा जा रहा है कि मुनीर ने पहले भी डोनाल्ड ट्रंप जैसे अमेरिकी नेताओं से मुलाकात के दौरान इसी तरह का ड्रेस कोड अपनाया है, जिससे उनकी ‘डिप्लोमैटिक इमेज’ मजबूत दिखे।

‘ड्रेस डिप्लोमैसी’ या रणनीतिक संकेत?

रक्षा और कूटनीति से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम ‘ड्रेस डिप्लोमैसी’ का हिस्सा हो सकता है, जहां कपड़ों के जरिए अलग-अलग देशों को अलग संदेश दिए जाते हैं। कुछ विशेषज्ञों ने इसे असामान्य और विवादास्पद भी बताया है। उनका कहना है कि आमतौर पर इस तरह के स्वागत समारोह में एक समान प्रोटोकॉल अपनाया जाता है, लेकिन यहां अलग-अलग ड्रेस कोड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि पाकिस्तान इस मौके का इस्तेमाल अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत दिखाने के लिए कर रहा है—एक तरफ वह अमेरिका के साथ संतुलन बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर ईरान को भी अपनी ताकत का एहसास कराना चाहता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस ‘ड्रेस डिप्लोमैसी’ का असर आने वाली वार्ता पर क्या पड़ता है।

Read Moro-क्या सच में मान गया अमेरिका? ईरान की एक शर्त से बदल सकता है खेल, हॉर्मुज पर खुल सकता है बड़ा रास्ता!

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img