चमचमाती कार को ‘कबाड़’ बना देंगे! आज ही बंद करें घर पर कार धोने का ये गलत तरीका; वरना भुगतना होगा भारी नुकसान

Car Care Tips: अपनी कार को चमकता हुआ देखना हर मालिक का सपना होता है। संडे के दिन अक्सर लोग अपनी गाड़ी को चकाचक करने के लिए बाल्टी और कपड़ा लेकर बाहर निकल आते हैं। पैसे बचाने और खुद की संतुष्टि के लिए घर पर कार धोना एक अच्छा विकल्प लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी चमचमाती कार को कबाड़ में बदल सकती है? लोग अक्सर जोश में आकर उन चीजों का इस्तेमाल कर लेते हैं जो कार के ‘सेंसिटिव’ पेंट और बॉडी के लिए जहर के समान हैं। अगर आप भी कार धोने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है, क्योंकि अनजाने में की गई गलतियां आपकी गाड़ी की रीसेल वैल्यू को मिट्टी में मिला सकती हैं।

रसोई के नुस्खे और डिटर्जेंट: कार के पेंट के लिए ‘साइलेंट किलर’

ज्यादातर लोग कार धोते समय सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे घर में इस्तेमाल होने वाले डिशवॉश लिक्विड, कपड़े धोने वाले सर्फ या बालों वाले शैम्पू का उपयोग कर लेते हैं। सुनने में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन इन प्रोडक्ट्स में मौजूद ‘पीएच लेवल’ और हार्ड केमिकल्स कार की ऊपरी सुरक्षा परत (Clear Coat) को धीरे-धीरे उखाड़ देते हैं। इसके अलावा, इंटरनेट पर दिखने वाले नींबू, विनेगर या बेकिंग सोडा जैसे घरेलू नुस्खे मेटल पार्ट्स पर जंग लगने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। ये चीजें शुरुआत में तो कार को साफ दिखाती हैं, लेकिन कुछ ही महीनों में आपकी गाड़ी का पेंट बेजान और खुरदरा हो जाता है। याद रखें, कार का पेंट आपके घर के बर्तनों या कपड़ों जैसा नहीं है; इसके लिए हमेशा विशेष ‘कार वॉश शैम्पू’ का ही चुनाव करना चाहिए।

पुराने कपड़े और चिलचिलाती धूप: अनचाहे स्क्रैच और दाग का न्योता

क्या आप भी अपनी पुरानी बनियान, तौलिया या फटी हुई टी-शर्ट से कार पोंछते हैं? अगर हाँ, तो आप अपनी कार की बॉडी पर अनगिनत ‘स्वर्ल मार्क्स’ (गोलाकार खरोंचें) खुद बना रहे हैं। सामान्य कपड़ों के रेशे सख्त होते हैं और उनमें फंसी धूल रेगमाल (Sandpaper) की तरह काम करती है। इसके साथ ही, दोपहर की तेज धूप में कार धोना एक और बड़ी भूल है। सूरज की गर्मी से पानी और साबुन कार की बॉडी पर सूख जाते हैं, जिससे सफेद जिद्दी दाग पड़ जाते हैं जिन्हें हटाना नामुमकिन हो जाता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो कार हमेशा सुबह के वक्त या शाम को छांव में ही धोनी चाहिए। पोंछने के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी के ‘माइक्रोफाइबर क्लॉथ’ का ही इस्तेमाल करें, जो पानी को सोखता है और पेंट को सुरक्षित रखता है।

सफाई का सही क्रम: टायरों से शुरू करें अपनी मेहनत

कार धोने का भी एक विज्ञान है। अक्सर लोग पहले छत साफ करते हैं और अंत में टायर, जबकि नियम इसके उलट है। सबसे पहले कार के टायरों और नीचे के हिस्से (Wheel Arches) की सफाई करनी चाहिए क्योंकि यहाँ सबसे ज्यादा कीचड़ और ग्रीस होता है। अगर आप ऊपर से शुरू करेंगे, तो टायरों को साफ करते वक्त उड़ने वाली गंदगी आपकी साफ की हुई बॉडी को दोबारा गंदा कर देगी। हमेशा ‘टू-बकेट मेथड’ (दो बाल्टी का तरीका) अपनाएं—एक बाल्टी में शैम्पू वाला पानी और दूसरी में सादा पानी। हर बार कपड़े को सादे पानी में धोकर ही शैम्पू वाली बाल्टी में डालें ताकि गंदगी वापस पेंट पर न रगड़ी जाए। नीचे से ऊपर की ओर बढ़ना और फिर अंत में ऊपर से नीचे पानी डालना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

मॉडर्न कारों की नाजुक लेयर और आपकी समझदारी

आजकल की मॉडर्न गाड़ियों में मल्टी-लेयर पेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। यह पेंट दिखने में जितना शानदार होता है, उतना ही संवेदनशील भी। गलत तरीके से की गई ‘रबिंग’ या हार्ड ब्रश का इस्तेमाल इस कोटिंग को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचा सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार सालों-साल नई जैसी दिखे, तो महीने में एक बार ‘वैक्सिंग’ या ‘पॉलिश’ जरूर करें। यह न केवल कार को चमक देता है, बल्कि धूल और पानी के खिलाफ एक सुरक्षा कवच भी तैयार करता है। घर पर कार धोना एक थेरेपी जैसा हो सकता है, बशर्ते आप सही टूल्स और सही जानकारी के साथ मैदान में उतरें। आपकी थोड़ी सी सावधानी कार की लाइफ और उसकी मार्केट वैल्यू, दोनों को बरकरार रखेगी।

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