पुलिस दफ्तर में जमीन पर लेटकर पहुंची महिला, 5 किलो चांदी के गहनों को लेकर खुला 12 साल पुराना विवाद

MP News: Mandsaur जिले में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। आमतौर पर जनसुनवाई में लोग अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों से मिलते हैं, लेकिन इस बार एक महिला अपने परिवार के साथ जमीन पर लेटते हुए पुलिस कार्यालय तक पहुंची। महिला का नाम रुक्मणी बाई बताया जा रहा है, जो अपने साथ हुए कथित अन्याय की शिकायत लेकर आई थी। महिला का आरोप है कि करीब 12 साल पहले उसने अपने 5 किलो चांदी के आभूषण एक स्वर्णकार के पास गिरवी रखे थे, लेकिन अब तक उसे उसके गहने वापस नहीं मिले। इस मामले को लेकर वह कई बार संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर चुकी है, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। जब बार-बार कोशिशों के बावजूद उसे कोई समाधान नहीं मिला तो उसने पुलिस की जनसुनवाई में इस अनोखे तरीके से अपनी बात रखने का फैसला किया।

महिला का आरोप – गहने गिरवी रखे, लेकिन नहीं मिले वापस

महिला रुक्मणी बाई का कहना है कि साल 2014 में उसने आर्थिक जरूरत के चलते अपने करीब 5 किलो चांदी के गहने स्थानीय स्वर्णकार के पास गिरवी रखे थे। उस समय उसे उम्मीद थी कि बाद में पैसे चुकाकर वह अपने आभूषण वापस ले लेगी। लेकिन महिला का आरोप है कि जब वह बाद में गहने लेने गई तो स्वर्णकार ने अलग-अलग बहाने बनाकर उसे टालना शुरू कर दिया। महिला का दावा है कि उसने कई बार बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। समय के साथ चांदी की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिसके कारण यह मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है। महिला का कहना है कि अब उसकी चांदी की कीमत लाखों रुपये में पहुंच चुकी है और वह किसी भी हाल में अपने गहने वापस चाहती है। इसी वजह से उसने पुलिस अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया।

स्वर्णकार ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, इस मामले में आरोप झेल रहे स्वर्णकार Vishal Soni ने महिला के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि मामला बिल्कुल उल्टा है। स्वर्णकार के अनुसार साल 2014 में महिला और उसके परिजन उनसे चांदी उधार लेकर गए थे और उसके बदले में पंचायत के सामने जमीन की रजिस्ट्री करने का समझौता हुआ था। लेकिन बाद में महिला ने उस समझौते को पूरा नहीं किया। स्वर्णकार का दावा है कि उनके पास उस समय के बिल, लिखित दस्तावेज और अन्य प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने पुलिस को भी सौंप दिया है। उनका कहना है कि वे किसी का सामान दबाकर रखने जैसी कोई हरकत नहीं कर सकते और सच्चाई सामने आने पर सब साफ हो जाएगा। इस तरह दोनों पक्षों की अलग-अलग कहानी सामने आने के कारण मामला और जटिल हो गया है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। मामले पर जानकारी देते हुए मंदसौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक T. S. Baghel ने बताया कि जनसुनवाई में कुल करीब 30 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकतर लेन-देन से जुड़े विवाद थे। उन्होंने कहा कि यह मामला भी पुराने आर्थिक लेन-देन से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, इसलिए दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दावों की बारीकी से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि असली सच्चाई क्या है और किसके दावे सही हैं। जानकारों का मानना है कि हाल के वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण कई पुराने विवाद फिर से सामने आने लगे हैं। जब ये लेन-देन हुए थे तब इनकी कीमत काफी कम थी, लेकिन अब कीमत बढ़ने के बाद लोग अपने पुराने दावों को लेकर पुलिस और अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

Read More-पत्नी की हत्या के बाद 10 साल से फरार भारतीय! अब सुराग देने वाले को मिलेगा 9.2 करोड़ का इनाम

 

 

Hot this week

अब ChatGPT सिर्फ जवाब नहीं, वीडियो भी बनाएगा! जानें कब तक होगा इंतजार खत्म

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तेजी से बदलाव हो...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img