ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर फ्रांस ने बड़ा बयान दिया है। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो फ्रांस खाड़ी देशों की मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कुछ खाड़ी देशों को ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में फ्रांस अपने सहयोगी देशों के साथ खड़ा है और उन्हें पूरा समर्थन देता है। हालांकि, फ्रांस ने यह भी कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई से पहले अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र में चर्चा की मांग
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ जो शुरुआती हमले हुए, उन पर पहले संयुक्त राष्ट्र में चर्चा होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि बिना वैश्विक मंच पर बात किए किसी भी सैन्य कार्रवाई को पूरी मान्यता नहीं मिलती। फ्रांस चाहता है कि ऐसे बड़े फैसले बातचीत और नियमों के तहत लिए जाएं। France ने साफ किया है कि वह शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन अपने सहयोगियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
खाड़ी में 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक
फ्रांस के लिए एक बड़ी चिंता वहां रह रहे उसके नागरिक भी हैं। विदेश मंत्री के मुताबिक करीब 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां काम और घूमने के लिए गए हुए हैं। ऐसे में अगर हालात बिगड़ते हैं तो उनकी सुरक्षा सबसे जरूरी होगी। अबू धाबी में मौजूद एक फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन हमला भी हुआ, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्रांस ने कहा है कि वह हालात पर नजर रखे हुए है।
ईरान से शांति की अपील
फ्रांस ने ईरान से हमले रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध से किसी का फायदा नहीं होगा और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे आता है तो हालात सुधर सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे क्या फैसला लिया जाता है।
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