पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता और उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हराना मुश्किल नहीं, बल्कि नामुमकिन है। राउत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी जानते हैं कि ममता दीदी को राज्य में हराना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “देश की जनता ममता दीदी के साथ है और वो लड़ने वाली शेरनी हैं। पश्चिम बंगाल में उनकी जीत तय है।”
संजय राउत ने यह भी कहा कि केंद्र और बीजेपी की सारी कोशिशें व्यर्थ साबित होंगी। उनका मानना है कि ममता दीदी का जनाधार इतना मजबूत है कि चुनावी रणनीतियाँ या प्रशासनिक हस्तक्षेप भी उन्हें पीछे नहीं खींच सकता। उन्होंने यह उदाहरण भी दिया कि चुनाव से पहले कई मुख्य सचिवों, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों का अचानक तबादला किया गया, लेकिन इससे चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
नियंत्रण की राजनीति और अधिकारियों के तबादले
राउत ने राज्य प्रशासन में हो रहे अचानक तबादलों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मुख्य सचिव, डीजी, कमिश्नर का ट्रांसफर रातोंरात किया गया। इसके पीछे क्या मकसद है, यह सभी जानते हैं। लेकिन आप कुछ भी कर लें, जनता की आवाज ममता दीदी के साथ है।” उन्होंने महाराष्ट्र और असम के उदाहरण देते हुए यह भी कहा कि अन्य राज्यों में ऐसा क्यों नहीं होता और वहां के मुख्यमंत्री कैसे अपने प्रशासन को संभालते हैं।
राउत का यह बयान ममता बनर्जी की लोकप्रियता और उनके विरोधियों की योजनाओं पर सीधा निशाना है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता को अब भ्रमित नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि राज्य में ममता के खिलाफ कोई भी चाल सफल नहीं होगी और राजनीतिक विरोधियों की हर कोशिश बेकार जाएगी।
ईरान-इजरायल युद्ध पर राउत का बयान
सिर्फ बंगाल चुनाव ही नहीं, संजय राउत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने केवल चिंता व्यक्त की है, जबकि अब समय है सक्रिय भूमिका निभाने का। राउत ने कहा, “भारत 140 करोड़ की आबादी वाला एक बड़ा देश है और विश्वगुरु की भूमिका निभा सकता है। सिर्फ चिंता व्यक्त करने से कोई समस्या हल नहीं होगी। हमें युद्ध रोकने और आसपास के खाड़ी देशों में स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।”
उनकी इस टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि राउत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की सशक्त भूमिका चाहते हैं। उन्होंने इजरायल और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव पर भारत की प्रभावशाली भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षा और राजनीति पर एक नजर
संजय राउत का बयान राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीतियों पर सवाल उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ममता बनर्जी का जनाधार इतनी मजबूती के साथ खड़ा है कि केंद्र की किसी भी कोशिश का असर नहीं होगा। राउत ने स्पष्ट किया कि ममता दीदी बंगाल की राजनीति में एक ऐसा नाम हैं जो चुनौतियों के बावजूद जीतती रहेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता हमेशा अपने नेताओं की हिम्मत और ईमानदारी की कद्र करती है। राउत का मानना है कि ममता दीदी का नेतृत्व और जनता का समर्थन ही उनके लिए सबसे बड़ा हथियार है, और यही बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की दिशा तय करेगा।
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