“अपनी बारी आई तो नियम बदल दिए”, संघ प्रमुख पर अखिलेश यादव का तंज

संघ प्रमुख मोहन भागवत के 'रिटायरमेंट की उम्र' पर बयान को लेकर अखिलेश यादव ने कसा तंज, बोले- जब खुद पर आई बारी, तो बदल दिए नियम

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Akhilesh Yadav

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा हाल ही में दिए गए रिटायरमेंट पर बयान को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तीखा तंज कसा है। बिना मोहन भागवत का नाम लिए अखिलेश ने कहा, “जब खुद पर आई बारी तो नियम ही बदल दिए।” यह टिप्पणी उस संदर्भ में आई है जब मोहन भागवत ने कहा था कि किसी भी काम में उम्र की कोई सीमा तय नहीं की जा सकती और यह निर्णय व्यक्ति की क्षमता और सेवा भावना पर निर्भर होना चाहिए।

“नियम सबके लिए हों बराबर” – अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि देश को यह समझना होगा कि जब नेताओं या संगठनों के प्रमुखों पर उम्र के नियम लागू नहीं होते, तो आम कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ऐसी सीमाएं क्यों तय की जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और पद से चिपके रहने की प्रवृत्ति अब उन संगठनों में भी दिखने लगी है, जो खुद को नैतिकता और सिद्धांतों की मिसाल बताते रहे हैं। अखिलेश ने सवाल उठाया कि अगर रिटायरमेंट की उम्र एक व्यवस्था है, तो उसे सबके लिए समान रूप से लागू होना चाहिए।

संघ की परंपरा और भागवत की उम्र पर चर्चा तेज

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मोहन भागवत 75 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं, और पहले यह परंपरा रही है कि संघ में इस उम्र के बाद पद छोड़ दिया जाता है। मगर इस बार संघ प्रमुख ने अपने कार्यकाल को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अभी पद पर बने रह सकते हैं। अखिलेश यादव की टिप्पणी को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। अब देखना यह है कि संघ या भाजपा की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

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