Krunal Pandya: हॉन्ग कॉन्ग सिक्स 2026 टूर्नामेंट भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। टीम इंडिया लगातार तीन मुकाबले गंवा चुकी है। लेकिन इन हार के बीच सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान क्रुणाल पांड्या की गेंदबाजी को लेकर हो रही है। टूर्नामेंट में उनकी गेंदों पर बल्लेबाजों ने जमकर छक्के लगाए। हालत ऐसी हो गई कि शुरुआती आठ गेंदों में ही क्रुणाल को सात छक्के खाने पड़े। पाकिस्तान और यूएई के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर ऐसी आतिशबाजी की, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ उनकी गेंदबाजी में थोड़ा सुधार देखने को मिला।
हॉन्ग कॉन्ग सिक्स में टीम इंडिया की लगातार तीसरी हार
हॉन्ग कॉन्ग सिक्स 2026 में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। भारत को पहले पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद यूएई ने भी टीम इंडिया को शिकस्त दे दी। तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 3 रन से हराकर उसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। इस तरह भारत लगातार तीन मैच हार चुका है। टीम की कप्तानी कर रहे क्रुणाल पांड्या के लिए भी यह टूर्नामेंट अब तक अच्छा नहीं रहा है। बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए और क्रुणाल की गेंदबाजी सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
पाकिस्तान के अब्बास अफरीदी ने एक ओवर में लगाए पांच छक्के
क्रुणाल पांड्या की मुश्किलें पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से ही शुरू हो गई थीं। पाकिस्तानी बल्लेबाज अब्बास अफरीदी ने उनके ओवर की आखिरी पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़ दिए। इस ओवर में कुल 31 रन बने। एक ओवर में इतनी बड़ी पिटाई के बाद क्रुणाल के लिए वापसी करना आसान नहीं था। लेकिन अगला मुकाबला यूएई के खिलाफ आया तो कहानी फिर दोहराई गई। यूएई को जीत के लिए 12 गेंदों में सिर्फ 10 रन चाहिए थे। ऐसे समय में क्रुणाल गेंदबाजी करने आए, लेकिन खालिद शाह ने उनकी पहली दोनों गेंदों पर छक्के लगाकर मुकाबला खत्म कर दिया।
शुरुआती आठ गेंदों में सात छक्के खाकर बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
क्रुणाल पांड्या के लिए सबसे ज्यादा निराशाजनक बात यह रही कि पाकिस्तान और यूएई के खिलाफ शुरुआती आठ गेंदों में उन्हें सात छक्के खाने पड़े। यानी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों को सीधे बाउंड्री के बाहर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। टूर्नामेंट के अब तक के तीन मुकाबलों में क्रुणाल ने कुल 14 गेंदें फेंकी हैं और 62 रन खर्च किए हैं। हॉन्ग कॉन्ग सिक्स का प्रारूप सामान्य टी20 क्रिकेट से अलग है। इसमें प्रत्येक पारी छह ओवर की होती है। एक गेंदबाज अधिकतम दो ओवर कर सकता है, जबकि बाकी गेंदबाज एक-एक ओवर डालते हैं। ऐसे छोटे प्रारूप में हर गेंद काफी महत्वपूर्ण होती है और क्रुणाल की महंगी गेंदबाजी का असर टीम पर भी पड़ा।
इंग्लैंड के खिलाफ टूटा छक्कों का सिलसिला, फिर भी भारत को मिली हार
लगातार छक्के खाने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ क्रुणाल पांड्या ने कुछ बेहतर प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में उन्होंने अपने एक ओवर में 19 रन दिए। खास बात यह रही कि एड बर्नार्ड उनकी एक गेंद पर कोई रन नहीं बना सके। इस तरह लगातार सात गेंदों पर सात छक्के लगने का सिलसिला आखिरकार टूट गया। हालांकि क्रुणाल की गेंदबाजी में सुधार के बावजूद भारतीय टीम मुकाबला नहीं बचा सकी और इंग्लैंड ने उसे महज 3 रन से हरा दिया। अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले मुकाबलों में अपनी गलतियों को सुधारने और सम्मानजनक वापसी करने की होगी।







