BJP ने संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा में नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार Keval Singh Dhillon को पंजाब बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं Archana Gupta को हरियाणा बीजेपी की कमान दी गई है। दिल्ली में Harsh Malhotra को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि त्रिपुरा में Abhishek Devroy को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी के इस संगठनात्मक बदलाव को आने वाले चुनावों और पार्टी की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों पर बड़ा भरोसा
पंजाब बीजेपी की कमान मिलने के बाद केवल सिंह ढिल्लों सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए हैं। वह बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं। ढिल्लों ने 2022 के संगरूर लोकसभा उपचुनाव और 2024 के बरनाला विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। राजनीति के अलावा वह पंजाब के बड़े उद्योगपतियों में भी गिने जाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी पंजाब में संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने के लिए ढिल्लों पर बड़ा दांव खेल रही है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री Amarinder Singh का करीबी भी माना जाता रहा है। बरनाला इलाके में उनकी पहचान विकास कार्यों पर राजनीति करने वाले नेता के रूप में रही है। खास बात यह भी है कि उन्होंने हमेशा टकराव की राजनीति से दूरी बनाए रखी और अपने काम के जरिए अलग पहचान बनाई।
हरियाणा और दिल्ली में नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी
हरियाणा में अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी हरियाणा में संगठन को नए तरीके से सक्रिय करना चाहती है। वहीं राजधानी दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा को बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। दिल्ली बीजेपी लंबे समय से संगठन को और मजबूत करने पर काम कर रही थी और अब नए नेतृत्व के जरिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर त्रिपुरा में अभिषेक देवराय को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत करने का संकेत दिया है। पार्टी नेतृत्व लगातार संगठन में बदलाव कर क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
बीजेपी के इस बड़े संगठनात्मक फेरबदल को सिर्फ नियमित बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले चुनावों की तैयारी का हिस्सा समझा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी अब राज्यों में ऐसे चेहरों को आगे ला रही है जो स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हों और संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय कर सकें। पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में बीजेपी लगातार अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि दिल्ली और त्रिपुरा में संगठनात्मक मजबूती बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है। नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन नेताओं के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति को धार देने की बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल बीजेपी के इस फैसले ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और विपक्षी दल भी इस बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
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