बिजली का झटका या बड़ा बदलाव? दिल्ली में बिल बढ़ने की तैयारी, DERC के फैसले से मचा हड़कंप

देश की राजधानी दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद बिजली कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वसूलने की सीमा बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इससे राजधानी में बिजली की कुल लागत पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

फ्यूल सरचार्ज में 10% से बढ़कर 16-17% तक की अनुमति

अब तक बिजली कंपनियों के लिए फ्यूल सरचार्ज की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत तय थी, जिसे बढ़ाकर लगभग 16 से 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि बिजली उत्पादन और खरीद लागत में हुए बदलाव का असर सीधे उपभोक्ताओं के बिल पर दिखेगा। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार 500 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर इस बढ़ोतरी का कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

व्यापारियों और उद्योगों पर बढ़ेगा बोझ

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दिल्ली में पहले से ही कमर्शियल और औद्योगिक बिजली दरें आसपास के राज्यों की तुलना में अधिक हैं। ऐसे में यह बढ़ोतरी व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालेगी। आशंका जताई जा रही है कि इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।

फैक्ट्रियों के पलायन की आशंका तेज

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का मानना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से दिल्ली की प्रतिस्पर्धा क्षमता पर असर पड़ेगा। पहले से ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बिजली और श्रम लागत कम होने के कारण कई उद्योग वहां शिफ्ट हो रहे हैं। अब इस नए फैसले के बाद यह ट्रेंड और तेज हो सकता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो दिल्ली से और अधिक फैक्ट्रियां दूसरे राज्यों की ओर जा सकती हैं।

Read More-कोलकाता में बड़ा एक्शन: TMC नेता के ठिकानों पर ED का धावा, रिश्वत से नौकरी देने का आरोप

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img