उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विधान परिषद चुनाव से पहले मतदाता पर्चियों में कथित गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने पर्चियों में नाम और पिता के नाम से जुड़ी गलतियों पर नाराजगी जताई है। उनका दावा है कि कुछ पर्चियों में पिता के नाम की जगह ‘B.Com’ लिखा मिला, जबकि एक अन्य पर्ची में कथित तौर पर ‘मूर्ख चंद यादव’ जैसी आपत्तिजनक प्रविष्टि दर्ज थी। एक पर्ची में ‘राम ने यादव को मारा’ जैसे शब्द लिखे होने का भी आरोप लगाया गया है। इन कथित गलतियों को लेकर सपा प्रत्याशी ने निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठाए और जिलाधिकारी से शिकायत की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पर्चियां तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है। हालांकि, इन प्रविष्टियों की आधिकारिक जांच और उनकी वजह सामने आना अभी जरूरी है।
मान सिंह यादव ने निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए सवाल
मतदाता पर्चियों में कथित गलतियों को लेकर डॉ. मान सिंह यादव ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण काम में मतदाताओं की जानकारी सही होना बेहद जरूरी है। नाम या पिता के नाम में गलती होने से मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। ऐसे में इन त्रुटियों की जांच करके जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के मुताबिक, सुरक्षा और निगरानी के लिए जिले को 50 जोन में बांटा गया है। हर जोन में व्यवस्था संभालने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि मतदान के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
क्या पर्ची में गलती होने पर भी डाल सकेंगे वोट?
मतदाता पर्चियों में गड़बड़ी के बीच प्रशासन ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया है कि केवल मामूली त्रुटि के कारण किसी को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे मतदान के लिए जरूर पहुंचें और निर्धारित नियमों का पालन करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक बूथों की सूची में दर्ज है, तो वह केवल एक ही स्थान पर मतदान कर सकता है। एक से ज्यादा जगह वोट डालने की कोशिश करने पर कार्रवाई हो सकती है। इस बीच, पर्चियों में कथित आपत्तिजनक शब्द लिखे जाने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और संबंधित गलतियों की जांच में क्या सामने आता है।
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