बंगाल में BJP जीती तो CM कौन? अमित शाह ने मंच से किया बड़ा खुलासा, साथ में UCC पर भी दिया कड़ा संकेत!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। इसी बीच अमित शाह ने एक बड़ा बयान देकर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने साफ कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो मुख्यमंत्री कोई “बंगाल का बेटा” ही होगा। इस बयान के जरिए बीजेपी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देगी। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी वंशवाद में विश्वास नहीं करती और नेतृत्व का चयन योग्यता के आधार पर होता है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर बीजेपी किस चेहरे पर दांव खेल सकती है।

UCC लागू करने का बड़ा वादा

रैली के दौरान अमित शाह ने एक और अहम घोषणा करते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कोई नया विचार नहीं है, बल्कि संविधान सभा की सिफारिशों में शामिल रहा है। शाह के मुताबिक, तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इसे लंबे समय तक लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने दावा किया कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां इस दिशा में काम किया गया है और बंगाल में भी इसे प्राथमिकता दी जाएगी। शाह ने कहा कि एक देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना जरूरी है, ताकि न्याय और समानता सुनिश्चित हो सके।

TMC पर तुष्टीकरण के आरोप

अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और इसी वजह से कई अहम फैसले लंबे समय तक लंबित रहे। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी किसी के खान-पान या व्यक्तिगत जीवन में दखल देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि बीजेपी सत्ता में आने पर लोगों की जीवनशैली पर नियंत्रण लगाएगी। शाह ने जोर देकर कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ सुशासन और समान कानून लागू करना है।

हुमायूं कबीर विवाद पर भी दिया जवाब

अपने भाषण में अमित शाह ने हाल ही में चर्चा में आए हुमायूं कबीर से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी और हुमायूं कबीर की विचारधारा पूरी तरह अलग है और पार्टी किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। शाह ने कहा कि अगर ऐसी स्थिति आती है तो बीजेपी विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए वीडियो और अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बयान के साथ उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी मुकाबला आने वाले दिनों में और ज्यादा तीखा हो सकता है। बंगाल की सियासत में इस तरह के बयानों ने माहौल को और गर्म कर दिया है।

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