होर्मुज फिर खुलने की तैयारी में, क्या अमेरिका-ईरान समझौते से सस्ता होगा तेल और आसान होगी सप्लाई?

मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका-ईरान के बीच हुए शांति समझौते ने वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत दी है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से जहाजों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज के बंद होने से पिछले कई महीनों से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही थी।

‘दिशा’ बना होर्मुज पार करने वाला पहला जहाज

समझौते के बाद एलएनजी लेकर रवाना हुआ ‘दिशा’ नाम का टैंकर चर्चा का केंद्र बन गया है। यह जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से अपनी यात्रा पर निकला है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला पहला जहाज माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद यह जहाज मार्च से कतर में रुका हुआ था। अब हालात सामान्य होने के संकेत मिलने के बाद इसने अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर दी है।

तेल और गैस बाजार को मिली राहत

होर्मुज मार्ग खुलने की खबर का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड के दाम शुरुआती कारोबार में चार प्रतिशत से ज्यादा नीचे आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जहाजों की आवाजाही सामान्य होती है तो एशिया और यूरोप में गैस और तेल की आपूर्ति सुधरेगी। इससे ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा और वैश्विक बाजार को राहत मिलेगी।

समझौते की शर्तों पर दुनिया की नजर

हालांकि, समझौते की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। खबरों के अनुसार, ईरान के तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने और उसकी फ्रीज संपत्तियों को लेकर भी चर्चा हुई है। शिपिंग कंपनियां और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ समझौते के अंतिम स्वरूप का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह समझौता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर कितना बड़ा असर डालता है।

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