Lucknow News: चारबाग स्टेशन पर शुक्रवार सुबह अचानक बड़ा हादसा हो गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर लगा भारी टिन शेड अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा होते ही प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। हादसे में ड्यूटी पर मौजूद एक लोको पायलट, एक टीटीई और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही RPF और रेलवे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में भारी टिन शेड नीचे आ गिरा और स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
मरम्मत कार्य के दौरान टूटा सपोर्ट, सामने आई बड़ी लापरवाही
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान टिन शेड को सहारा देने वाला सपोर्ट कट गया, जिसके कारण पूरा शेड नीचे गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि मजदूरों द्वारा काम के दौरान सावधानी नहीं बरती गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक प्लेटफॉर्म नंबर-4 और 5 के बीच बना सपोर्ट ढांचा शेड को संभाल रहा था। मरम्मत के दौरान उसी हिस्से में काम हो रहा था और अचानक सपोर्ट कमजोर होने से पूरा ढांचा ढह गया। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां हर समय भारी भीड़ रहती है। अगर हादसा कुछ देर बाद होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। लोगों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी रेलवे टीम
हादसे के तुरंत बाद प्लेटफॉर्म नंबर-5 को खाली करा लिया गया। रेलवे सुरक्षा बल और अन्य कर्मचारियों ने मौके पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारी टिन शेड को हटाने के लिए क्रेन और मशीनें मंगाई गईं। कई घंटे तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायलों में लोको पायलट के पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य दो लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के हिस्से को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तर रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और हादसे की असली वजह सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां हर दिन हजारों यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में स्टेशन पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना हो रहा है, इस पर अब सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को ऐसे कार्यों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे। अगर समय रहते सावधानी बरती जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। हादसे के बाद कई यात्रियों में डर का माहौल देखने को मिला। लोगों का कहना है कि स्टेशन पर निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और उम्मीद की जा रही है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।








