अलीगढ़ में करणी सेना से जुड़े नेता सचिन राघव के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को घेरकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद सवर्ण महापंचायत के दौरान की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। महापंचायत का आयोजन UGC के विरोध में किया गया था। आरोप है कि कार्यक्रम में मंच से जाटव और वाल्मीकि समाज को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की गई, जिससे कुछ लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद सिविल लाइन क्षेत्र में सचिन राघव को अकेला देखकर कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
सड़क पर घेरकर पीटने का आरोप
वायरल वीडियो में सचिन राघव भीड़ के बीच हाथ जोड़ते और माफी मांगते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ थप्पड़ और बेल्ट से मारपीट की। वीडियो में कुछ लोग बीच-बचाव करने और हमला रोकने की बात कहते भी सुनाई दे रहे हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। आरोप है कि भीड़ सचिन राघव को सड़क से घसीटते हुए आंबेडकर पार्क तक ले गई। वहां उनसे डॉ. भीमराव आंबेडकर और वाल्मीकि समाज के समर्थन में नारे लगवाए गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मामले की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। सीओ सिविल लाइन सर्वम सिंह के अनुसार, थाना क्षेत्र में दो व्यक्तियों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब CCTV कैमरों की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मारपीट की शुरुआत किस वजह से हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को भीड़ जुटाकर हिंसा करने या इलाके की शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
टिप्पणी से लेकर हिंसा तक पहुंचा मामला
फिलहाल इस पूरे मामले में कथित विवादित टिप्पणी, उसके बाद हुई नाराजगी और मारपीट की घटना को जोड़कर जांच की जा रही है। पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे चेहरों और घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी तरह की अफवाह या भड़काऊ सामग्री साझा न करें। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और विवाद की वास्तविक शुरुआत किस टिप्पणी से हुई थी।








