Wednesday, January 7, 2026

हजारों युवाओं की उम्मीद फिर जगी! यूपी पुलिस भर्ती में अचानक इतनी बढ़ी उम्र सीमा, सरकार ने लिया फैसला

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़ी राहत लेकर आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी पुलिस भर्ती को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिर से जिंदा हो गई हैं। राज्य सरकार ने 32,679 पदों पर होने वाली पुलिस और जेल विभाग की सीधी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा को लेकर 3 वर्ष की विशेष छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले का लाभ सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को मिलेगा। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि यह निर्णय युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बार के लिए लिया गया है। उम्र सीमा के कारण जो उम्मीदवार अब तक आवेदन से वंचित हो रहे थे, उनके लिए यह फैसला किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा।

किन पदों पर मिलेगी छूट – पूरी भर्ती का ब्योरा

योगी सरकार के इस निर्णय के तहत यूपी पुलिस और जेल विभाग के कुल 32,679 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष एवं महिला), आरक्षी पीएसी / सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन, घुड़सवार पुलिस के आरक्षी और जेल वार्डर (पुरुष व महिला) जैसे अहम पद शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयु सीमा में 3 साल की छूट सभी वर्गों—सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी—के लिए समान रूप से लागू होगी। इस फैसले से उन युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा, जो पिछली भर्तियों में उम्र सीमा पार होने के कारण आवेदन नहीं कर पाए थे। भर्ती प्रक्रिया को लेकर माना जा रहा है कि आवेदन करने वालों की संख्या इस बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है।

फैसले की आधिकारिक भाषा

इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विधिवत शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए सम्यक विचार के बाद यह निर्णय लिया गया है। शासनादेश में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत जारी विज्ञप्ति के क्रम में यह छूट दी जा रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के अंतर्गत यह फैसला एक अपवाद के रूप में लिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आयु सीमा में छूट केवल एक बार के लिए होगी, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

राजनीतिक मांगों का असर – पत्राचार के बाद आया फैसला

इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव और जनप्रतिनिधियों की मांगों की भी अहम भूमिका रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने आयु सीमा में छूट को लेकर सरकार से मांग की थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी के विधायक शलभमणि त्रिपाठी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अभ्यर्थियों की समस्या से अवगत कराया था। लगातार उठ रही आवाज़ों और युवाओं के आक्रोश को देखते हुए आखिरकार सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया। अब इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा असंतोष काफी हद तक कम होगा। लाखों युवाओं को एक बार फिर वर्दी पहनने का मौका मिलने की उम्मीद जगी है और आने वाले दिनों में यह भर्ती राज्य की सबसे चर्चित भर्तियों में शामिल हो सकती है।

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