चुनाव से पहले BJP का मास्टरस्ट्रोक! यूपी के इन शहरों में सड़क पर उतरेंगे दिग्गज नेता, जानिए क्या है पार्टी की बड़ी रणनीति

UP BJP Padyatra Campaign 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए नया अभियान शुरू करने का फैसला किया है। पार्टी मंगलवार से ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालेगी। इस अभियान के जरिए बीजेपी जनता के बीच पहुंचने के साथ विपक्षी दलों, खासकर इंडिया गठबंधन, को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखा जाएगा। चुनाव से पहले शुरू हो रही इस मुहिम को बीजेपी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

 लखनऊ और बरेली में आज दिखेगी दिग्गज नेताओं की ताकत

बीजेपी के इस अभियान की शुरुआत बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगी। राजधानी लखनऊ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा सुबह 11 बजे शुरू होगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। वहीं, बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। दोनों शहरों में बीजेपी अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क साधने की कोशिश करेगी। पार्टी की योजना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी जाए और आगामी चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय किया जाए।

गोरखपुर से गाजियाबाद तक उतरेंगे बड़े चेहरे, जानिए आगे का कार्यक्रम

इस अभियान का विस्तार केवल लखनऊ और बरेली तक सीमित नहीं रहेगा। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गोरखपुर में पदयात्रा करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर को गाजियाबाद में मार्च का नेतृत्व करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। खास बात यह है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता केवल पदयात्रा करके वापस नहीं लौटेंगे, बल्कि क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक बैठकों पर भी जोर दिया जाएगा। रात्रि विश्राम और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति भी इस अभियान का हिस्सा है।

दूसरे राज्यों में भी चल रहा अभियान, यूपी में क्या होगा इसका असर?

बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में इस मुहिम के तहत मार्च निकाला था। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। वहीं, बिहार के भागलपुर में भी बीजेपी नेताओं के नेतृत्व में पदयात्रा आयोजित की गई। अलग-अलग राज्यों में हो रहे इन कार्यक्रमों के बीच उत्तर प्रदेश का अभियान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी इस पदयात्रा के जरिए जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने और विपक्ष के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करेगी। अब देखना होगा कि तीन दिनों तक चलने वाला यह अभियान आगामी चुनाव में पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।

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