सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार की कांवड़ यात्रा में एक युवा शिव भक्त की भारी-भरकम कांवड़ पूरे प्रदेश में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है। मेरठ के वलीदपुर गांव के रहने वाले 22 वर्षीय आकाश सैनी ने इस बार ऐसी विशाल कांवड़ उठाई है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ऐसा अनूठा संकल्प जुड़ा है जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार सीएम बनने की मन्नत और गऊ माता के लिए संकल्प
इस यात्रा के पीछे का मुख्य उद्देश्य और रहस्य इस बात में छिपा है कि आकाश सैनी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगामी समय में तीसरी बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की विशेष मनोकामना मांगी है। इसके साथ ही, उनका एक अन्य बड़ा संकल्प देश में गऊ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने का भी है। अपनी इसी गहरी आस्था और अटूट विश्वास के कारण उन्होंने हरिद्वार से 301 लीटर जल से भरी इस विशाल कांवड़ को उठाया है, जो इस यात्रा की सबसे बड़ी और भारी कांवड़ मानी जा रही है।
रास्ते में मिल रहा भव्य सम्मान और सहयोग के लिए दस टीमों का गठन
यह भारी-भरकम कांवड़ यात्रा जिस-जिस मार्ग से गुजर रही है, वहां इसे देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। सफर के दौरान जगह-जगह आकाश सैनी का भव्य स्वागत किया जा रहा है और उन्हें शील्ड, मेडल तथा नगद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध शिव चौक पर सैनी समाज द्वारा उन्हें विशेष रूप से एक बाइक भी उपहार में दी गई है। इस अत्यंत कठिन और भारी सफर को सुरक्षित पूरा करने के लिए उनके साथ दस शिव भक्तों की विशेष टीमें हर समय उनकी सहायता में तैनात रहती हैं।
कठिन नियम और मंदिर में जलाभिषेक की योजना
आकाश सैनी इस कठिन यात्रा को बेहद अनुशासन और नियमों के साथ पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहे हैं। वे दिन की शुरुआत स्नान के बाद करते हैं, सुबह के वक्त दो किलोमीटर पैदल चलते हैं और फिर शाम को दोबारा स्नान करके कांवड़ उठाकर लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय करते हैं। उन्होंने 22 जून को हरिद्वार से अपनी यह यात्रा शुरू की थी और वे अपने गंतव्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। अनुमान के अनुसार, वे मेरठ के प्रसिद्ध औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और अपनी मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
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