खूबसूरती और खेल का दम… कौन हैं इराक की ये सबसे खूबसूरत वॉलीबॉल स्टार, जिन पर दुनिया हुई दीवानी?

इन दिनों इंटरनेट पर एक नाम तेजी से वायरल हो रहा है—डोरिन रोमेल शामो। इराक की यह 19 वर्षीय वॉलीबॉल खिलाड़ी अपने खेल और पर्सनैलिटी के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके मैच के छोटे-छोटे वीडियो और रील्स सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिन्हें लाखों लोग देख रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी लोकप्रियता किसी बड़े टूर्नामेंट की वजह से नहीं, बल्कि उनके शानदार खेल और आत्मविश्वास से भरे अंदाज की वजह से बढ़ी है। लोग उन्हें ‘पावर क्वीन’ कहकर बुला रहे हैं और उनके हर वीडियो पर हजारों कमेंट्स आ रहे हैं।

खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल

डोरिन सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी आगे हैं। वह डेंटिस्ट्री की पढ़ाई कर रही हैं और भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनका यह संतुलन—खेल और पढ़ाई दोनों में—उन्हें और खास बनाता है। डोहूक की रहने वाली डोरिन का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने कम उम्र में ही मेहनत और अनुशासन के दम पर अपनी पहचान बनाई है। आज वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो अपने करियर को लेकर उलझन में रहते हैं। डोरिन यह साबित कर रही हैं कि अगर सही योजना और मेहनत हो, तो एक साथ कई सपनों को पूरा किया जा सकता है।

बास्केटबॉल से वॉलीबॉल तक का सफर

दिलचस्प बात यह है कि वॉलीबॉल डोरिन का पहला प्यार नहीं था। उन्होंने 15 साल की उम्र में बास्केटबॉल खेलना शुरू किया था और राष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व भी किया। लेकिन उनकी लंबाई और फिटनेस को देखते हुए उनके कोच ने उन्हें वॉलीबॉल अपनाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने इस खेल में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। धीरे-धीरे उनकी स्किल और स्पीड ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। कोर्ट पर उनकी तेज मूवमेंट और ताकतवर स्मैश उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं। यही वजह है कि आज उनके खेल की चर्चा हर जगह हो रही है।

खेल के साथ समाज में भी योगदान

डोरिन सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक कामों में भी सक्रिय हैं। वह महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम भी कर रही हैं। खासतौर पर वह उन लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन गई हैं, जो पढ़ाई के साथ खेल में भी करियर बनाना चाहती हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि सफलता सिर्फ ग्लैमर या लोकप्रियता से नहीं आती, बल्कि मेहनत, लगन और सही दिशा से मिलती है। आज डोरिन रोमेल शामो एक ऐसी पहचान बन चुकी हैं, जो आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

Read more-2.5 घंटे का दावा… लेकिन असल में कितना लगा समय? दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सच्चाई ने सबको चौंकाया!

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img