महिला फरियादी थाने पहुंची तो दिखा चौंकाने वाला नजारा! ASI की हालत देखकर सोशल मीडिया पर मचा बवाल

बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी थाने के भीतर महिला फरियादी की शिकायत सुनते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन लोगों का ध्यान शिकायत पर कम और अधिकारी की वेशभूषा पर ज्यादा गया। वीडियो में संबंधित अधिकारी पुलिस की आधिकारिक वर्दी में नहीं, बल्कि लुंगी पहने हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अथमलगोला थाना परिसर का है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि जब कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और जनता की शिकायत सुन रहा है, तो क्या उसे निर्धारित वर्दी में नहीं होना चाहिए? यही सवाल अब पूरे मामले के केंद्र में आ गया है।

महिला की शिकायत सुनते दिखे अधिकारी

वायरल वीडियो में एक महिला अपनी समस्या लेकर थाने पहुंची हुई दिखाई देती है। इसी दौरान वहां मौजूद एएसआई उससे आवेदन लेते और उसकी बात सुनते नजर आते हैं। हालांकि वीडियो में कहीं भी किसी तरह की बहस या विवाद दिखाई नहीं देता, लेकिन अधिकारी का बिना वर्दी के आधिकारिक काम करना चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था भी होती है, इसलिए कई बार कर्मचारी सामान्य कपड़ों में दिखाई दे जाते हैं। लेकिन जब कोई फरियादी थाने में पहुंचता है और पुलिसकर्मी उससे आधिकारिक रूप से बातचीत करता है, तब वर्दी में होना उसकी जिम्मेदारी मानी जाती है। इसी वजह से वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे पुलिस अनुशासन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।

राजनीति में भी गूंजा मामला

वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। कुछ नेताओं ने इसे पुलिस व्यवस्था में ढीलापन और जवाबदेही की कमी का उदाहरण बताया। वहीं दूसरी ओर कई लोगों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की छवि से जुड़ा विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि वीडियो की पूरी परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय समय-समय पर ड्रेस कोड, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। विभाग का मानना है कि पुलिस की वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। ऐसे में इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक स्थिति क्या थी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

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