नेहा बोरा ने JNU में उमर खालिद को लेकर ऐसा क्या कहा? BJP ने राहुल गांधी को घेरा, बढ़ सकता है विवाद

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 15 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उमर खालिद का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए। नेहा ने कहा कि उमर खालिद छह साल से अधिक समय तक जेल में रहे, लेकिन उन्होंने न्याय की लड़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र उनके संघर्ष से एक्टिविज्म की सीख लेते हैं। नेहा के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने उनके विचारों पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस को भी निशाने पर लिया है। अब सवाल यह है कि उमर खालिद का जिक्र करने वाला नेहा का बयान राजनीतिक विवाद की नई वजह क्यों बन गया?

JNU, उमर खालिद और रोहित वेमुला का किया जिक्र

कार्यक्रम में नेहा बोरा ने JNU के छात्र आंदोलनों और राजनीतिक विरोध के इतिहास पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने सत्ता और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को मंच दिया है। नेहा ने 2016 में JNU को लेकर हुए विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय से ही विश्वविद्यालय के खिलाफ नाराजगी दिखाई देती रही है। उन्होंने रोहित वेमुला की मौत और उनकी मां के साथ हुए कथित व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा उन्होंने नजीब अहमद के लापता होने के मामले का जिक्र करते हुए न्याय की मांग करने वाले छात्रों के प्रति अपनाए गए रवैये पर सवाल खड़े किए। नेहा ने JNU में कम खर्च पर पढ़ाई की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के दूर-दराज के इलाकों से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बेहतर भविष्य का अवसर है। उन्होंने नोटबंदी के दौरान आम लोगों को हुई परेशानियों का भी जिक्र किया।

BJP ने साधा निशाना, राहुल गांधी से भी जोड़ा बयान

नेहा बोरा की टिप्पणियों पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेहा को राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। भंडारी ने उमर खालिद का समर्थन करने और उनसे एक्टिविज्म सीखने की बात को लेकर नेहा की आलोचना की। उन्होंने उमर खालिद के खिलाफ UAPA के तहत दर्ज मामले का भी उल्लेख किया और उनके कथित बयानों को लेकर सवाल उठाए। इस तरह विश्वविद्यालय में दिए गए एक भाषण ने छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में भी बहस छेड़ दी है। हालांकि, नेहा के बयान और बीजेपी की प्रतिक्रिया को अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के विचारों के रूप में देखना जरूरी है। फिलहाल इस विवाद में दोनों पक्षों की टिप्पणियां चर्चा में हैं और यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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