राजधानी दिल्ली में तिरंगा रैली को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर दावा किया है कि उनके घर के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। यह घटनाक्रम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित तिरंगा रैली से पहले सामने आया है। दीपके का आरोप है कि तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस ने उनके घर के बाहर घेराबंदी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि तिरंगे के खिलाफ ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है। इस बीच, कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने और दीपके को हिरासत में लिए जाने की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, उनकी हिरासत को लेकर किसी अंतिम कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
तिरंगा रैली से पहले पुलिस का नोटिस, दीपके ने कही ये बात
अभिजीत दीपके के मुताबिक, रैली से पहले दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची, जहां वह ठहरे हुए हैं। पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी। सामने आए एक वीडियो में पुलिसकर्मियों और दीपके के बीच बातचीत होती दिखाई देती है। दीपके का कहना है कि उनका कार्यक्रम किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि वह समर्थकों के साथ सेंट्रल पार्क जाकर तिरंगा फहराना चाहते हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अपने कार्यक्रम को रोकने की कोशिश बताया है। इससे पहले भी वह गिरफ्तारी की आशंका जता चुके हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बीच सभी की नजरें प्रस्तावित कार्यक्रम और पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं।
Heavy police force deployed at the gate just to stop Tiranga.
Why are you against Tiranga, @narendramodi? https://t.co/GJwR6k677i
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 16, 2026
सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे कार्यक्रम, पुलिस ने बताई कानूनी वजह
CJP ने शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। संगठन के मुताबिक, यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आशुतोष रांका व सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध से जुड़ा है। दूसरी ओर, नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा है कि जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है और लोगों से कानून का पालन करने की अपील की गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस में CJP के पिछले प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने जुलाई से अक्टूबर के बीच हुए प्रदर्शनों के आचरण का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। अब सवाल है कि क्या अभिजीत दीपके सेंट्रल पार्क पहुंचकर तिरंगा फहरा पाएंगे या प्रशासन कार्यक्रम को रोक देगा।
Read More-‘गोली चलवाने वाले को पद्म?’ जब मुलायम सिंह यादव के पुरस्कार पर घिरे राजनाथ सिंह, दिया ऐसा रिएक्शन






