दरवाजे से नहीं निकले बच्चे तो तोड़ी गईं खिड़कियां
आग तेजी से फैलती देख बच्चों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती बन गया। बस के दरवाजे से सभी बच्चों को बाहर निकालने में परेशानी होने पर ड्राइवर और राहगीरों ने खिड़कियों को तोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद बच्चों को एक-एक करके बस से बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में सभी 43 बच्चे सुरक्षित बस से बाहर आ गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई और सड़क पर भी कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। आग पर काबू पाने की कोशिश की गई और मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, अब बस की फिटनेस भी जांचेगी
बस चालक के मुताबिक शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका है। हालांकि आग वास्तव में किस कारण लगी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। बस की वायरिंग और तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा सकती है। इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा और फिटनेस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बच्चों को ले जाने वाली बसों में फायर सेफ्टी और तकनीकी जांच कितनी नियमित होती है, इस पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। फिलहाल इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि ड्राइवर और राहगीरों की तेजी से की गई मदद के कारण सभी बच्चे समय रहते बस से बाहर निकल गए और एक बड़ा हादसा टल गया।








