बिहार की राजनीति में सरकारी आवासों का आवंटन अक्सर चर्चा का विषय बन जाता है। इस बार सुर्खियों में पटना का 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला है, जिसे राज्य सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को आवंटित कर दिया है। यह वही आवास है जहां पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उप मुख्यमंत्री रहते हुए निवास करते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हो गए, जिसके बाद यह बंगला खाली पड़ा था। अब सरकार के नए आदेश के बाद निशांत कुमार इस प्रतिष्ठित आवास के नए निवासी बनने जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
उप मुख्यमंत्रियों से जुड़ा रहा है इस बंगले का लंबा राजनीतिक इतिहास
5 देशरत्न मार्ग का बंगला बिहार की राजनीति में खास पहचान रखता है। लंबे समय तक यह आवास उप मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेताओं को आवंटित किया जाता रहा है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद और तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं ने इसी बंगले में रहते हुए अपने राजनीतिक दायित्व निभाए थे। दिलचस्प बात यह रही कि इन नेताओं में से कोई भी अपने कार्यकाल की पूरी अवधि पूरी नहीं कर सका। इसी वजह से इस बंगले को लेकर समय-समय पर राजनीतिक चर्चाएं और तरह-तरह की धारणाएं सामने आती रही हैं। हालांकि सम्राट चौधरी के मामले में यह सिलसिला टूटता दिखाई दिया, क्योंकि उन्होंने इसी बंगले से राजनीतिक सफर जारी रखते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
मुख्यमंत्री आवास परिसर में शामिल करने की योजना भी बनी थी
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जब यह बंगला खाली हुआ था, तब राज्य सरकार ने इसे मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा बनाने की योजना तैयार की थी। प्रस्ताव था कि 5 देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से जोड़ दिया जाए ताकि पूरा परिसर एकीकृत रूप से इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन यह योजना ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी। राजनीतिक विरोध और विभिन्न पक्षों की आपत्तियों के बाद सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया। खास तौर पर विपक्ष ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद इसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद से यह बंगला नए आवंटन की प्रतीक्षा में था।
आवास बदलने के साथ बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
सोमवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, निशांत कुमार को 5 देशरत्न मार्ग का आवास दिया गया है, जबकि उन्हें पहले आवंटित 2 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास अब मंत्री रामकृपाल यादव को सौंपा गया है। इस बदलाव ने बिहार की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ आवास आवंटन का मामला नहीं है, बल्कि सत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर हो रहे बदलावों का संकेत भी माना जा सकता है। वहीं आम लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिस बंगले को लेकर वर्षों से अलग-अलग राजनीतिक किस्से जुड़े रहे हैं, वहां अब निशांत कुमार की नई पारी कैसी रहेगी। आने वाले समय में यह आवास फिर किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का केंद्र बनता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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